शिजा एक शर्मीली, समझदार और चश्मा पहनने वाली लड़की थी। उसका चश्मा उसके लिए सिर्फ एक साधारण चीज नहीं था, बल्कि एक छुपा हुआ डर भी था। हर बार जब वह अपने दोस्तों के साथ कॉलेज में बैठती, वह अपनी आँखों को थोड़ा छुपाकर, अपने चश्मे को बार-बार ठीक करती रहती थी।कॉलेज बहुत बड़ा था और यहाँ के छात्र काफी आत्मविश्वासी और फैशनेबल थे। शिजा को उस दुनिया में खुद को ढालना हमेशा मुश्किल लगता था। लेकिन उसके लिए सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण चीज़ थी — उसकी पढ़ाई।शिजा का दिमाग उसके लिए एक सुरक्षित जगह था।
चश्मिश - एक नई दुनिया की शुरुआत - 1
शिजा एक शर्मीली, समझदार और चश्मा पहनने वाली लड़की थी। उसका चश्मा उसके लिए सिर्फ एक साधारण चीज नहीं बल्कि एक छुपा हुआ डर भी था। हर बार जब वह अपने दोस्तों के साथ कॉलेज में बैठती, वह अपनी आँखों को थोड़ा छुपाकर, अपने चश्मे को बार-बार ठीक करती रहती थी।कॉलेज बहुत बड़ा था और यहाँ के छात्र काफी आत्मविश्वासी और फैशनेबल थे। शिजा को उस दुनिया में खुद को ढालना हमेशा मुश्किल लगता था। लेकिन उसके लिए सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण चीज़ थी — उसकी पढ़ाई।शिजा का दिमाग उसके लिए एक सुरक्षित जगह था। हर दिन उसका समय लाइ ...Read More
चश्मिश - एक नई दुनिया की शुरुआत - 2
आयान का मन शिजा को लेकर उसी दिन से उलझन में था। वह हर दिन लाइब्रेरी में अपनी जगह बैठी रहती, अपनी किताबों में इतनी खो जाती कि जैसे दुनिया की बाकी चीज़ों का उसे कोई ध्यान ही नहीं रहता। उसका चश्मा और पढ़ने का उसका तरीका—सब कुछ आयान को अपनी ओर खींच रहा था।लेकिन वह उससे बात करने का सही समय नहीं ढूंढ पा रहा था। वह नहीं चाहता था कि शिजा असहज महसूस करे, फिर भी उसके मन में एक सवाल बार-बार उठता—“क्या वह मुझे पसंद करती है?”आज जैसे ही वह लाइब्रेरी में दाखिल हुआ, आयान का ...Read More
चश्मिश - एक नई दुनिया की शुरुआत - 3
अयान और शिज़ा के बीच एक अजीब सा रिश्ता बन गया था, जिसे दोनों पूरी तरह समझ नहीं पा थे। शिज़ा, जो अपने चश्मे की वजह से हमेशा थोड़ा अजीब महसूस करती थी, अब अयान के साथ रहकर धीरे-धीरे आत्मविश्वासी बनने लगी थी। उसकी पढ़ाई और उसका चश्मा, अयान के लिए सिर्फ देखने की चीज़ नहीं थे, बल्कि उसकी पहचान का हिस्सा थे। अयान को शिज़ा की आँखों में एक अलग सी चमक दिखाई देने लगी थी, जो पहले नहीं थी।एक दिन कॉलेज के बाद, अयान ने सोचा कि वह शिज़ा से अपने दिल की बात थोड़ी शेयर करे। ...Read More
चश्मिश - एक नई दुनिया की शुरुआत - 4
शिज़ा लाइब्रेरी के एक कोने में अपनी नोटबुक पर ध्यान लगाए बैठी थी। उसके आसपास पूरी तरह शांति थी, उसकी पेन की आवाज सुनाई दे रही थी। उसका दिमाग, जो हमेशा पढ़ाई में लगा रहता था, आज कुछ अलग सोच रहा था। आयान, जो अक्सर लाइब्रेरी के पास से गुजरता था, आज उसे थोड़ा ज़्यादा ही देख रहा था। शिज़ा को उसकी आँखों में कुछ ऐसा दिखा, जो उसने पहले कभी नहीं देखा था। उसने खुद को समझाने की कोशिश की कि यह सिर्फ एक साधारण दिलचस्पी है, लेकिन उसका दिल मानने को तैयार नहीं था।आयान, जो कभी अपने ...Read More
चश्मिश - एक नई दुनिया की शुरुआत - 5
रात का माहौल शांत था, लेकिन अयान के दिल में हलचल चल रही थी। जब उसकी फैमिली ने शिज़ा घर बात करने की हाँ कर दी, तो अयान के मन में खुशी भी थी और थोड़ी घबराहट भी। वह अपने कमरे में लेटा सोच रहा था, “शिज़ा के घरवाले क्या सोचेंगे? शिज़ा खुश होगी या चौंक जाएगी?”उसके माता-पिता ने जब कहा था, “अगर तुम्हारा प्यार सच्चा है, तो हम तुम्हारे साथ हैं,” तब से उसका हौसला बढ़ गया था। फिर भी अंदर से वह थोड़ा नर्वस था। उसने खुद को समझाया, “मैं अपने प्यार को लेकर सीरियस हूँ, शिज़ा ...Read More