यह कहानी है राघव की…. जो अपने मम्मी पापा के साथ फॉरेन में रहता था, लेकिन उसके दादा- दादी इंडिया के एक छोटे से गांव में रहते थे। जिस गांव का नाम कलिंग था, राघव अपने पेरेंट्स से हमेशा इंडिया अपने दादा- दादी के पास जाने की जिद करता रहता था। राघव इक्कीस साल का एक साहसी और निडर युवक था एक दिन राघव के दोस्त सौरव ने कहा कि हमने इंडिया जाने का प्लान बनाया है। राघव जानता था कि उसके पेरेंट्स उसको इंडिया जाने की अनुमति नहीं देंगे यह सब सोच ही रहा था कि तभी उसके मन में एक ख्याल आता है वह एक लेटर लिखकर रख देता है, जिसमें लिखा था कि वह अपने दोस्तों के साथ इंडिया जा रहा है और दादा- दादी से मिलकर ही आऊंगा मेरी चिंता मत करना!
महिमा: शक्तिशाली तलवार (सीजन 1)
यह कहानी है राघव की….जो अपने मम्मी पापा के साथ फॉरेन में रहता था, लेकिन उसके दादा- दादी इंडिया एक छोटे से गांव में रहते थे। जिस गांव का नाम कलिंग था, राघव अपने पेरेंट्स से हमेशा इंडिया अपने दादा- दादी के पास जाने की जिद करता रहता था।राघव इक्कीस साल का एक साहसी और निडर युवक था एक दिन राघव के दोस्त सौरव ने कहा कि हमने इंडिया जाने का प्लान बनाया है।राघव जानता था कि उसके पेरेंट्स उसको इंडिया जाने की अनुमति नहीं देंगे यह सब सोच ही रहा था कि तभी उसके मन में एक ख्याल ...Read More
महिमा: शक्तिशाली तलवार (सीजन 1) चैप्टर 2
राघव बोलता है, चलो एक बार जाकर देख लिया जाए क्या है, उस हवेली में? सौरव कहता है, हां है चलो चलते है लिली मधु को बोलती है तुम्हें जाना हो तो तुम जाओ घर हम हवेली पर जाकर देख कर ही आएंगे कितनी सच है कितनी झूठ. मधु भी अपने दोस्तों के साथ हवेली के लिए चल पडती है, ये सोच कर की दोस्तों के साथ ही घूमने आयी थी अगर अकेले घर गयी तो अच्छा नहीं लगेगा और दादा-दादी भी राघव के बारे मे पूछेंगे. चारों दोस्त हवेली जाने के लिए निकल पडे रास्ता सुनसान था।कोई व्यक्ति ...Read More
महिमा: शक्तिशाली तलवार (सीजन 1) चैप्टर 3
जहाँ पर इन्हे एक नहीं बल्कि दो जिन्न दिखाई देते है। एक पुरुष जिन्न ओर एक स्त्री जिन्न… जो भयानक दिखाई दे रहे थे. उनके बडे- बडे सींग थे, और लम्बाई मे काफी बडे, जोकि तांत्रिक विद्या कर रहे थे, ओर उस तंत्र के पास मे उन्हें लिली भी पडी हुई दिखाई दे रही थी. जोकि बेहोश लग रही थी. तांत्रिक स्थान के चारो ओर जादुई शक्तियों से एक चक्कर बना हुआ था.तभी पुरुष जिन्न भयानक आवाज मे लिली की तरफ इशारा करते हुए कहता है एक बलि तो ये रही अब हमे सिर्फ कुछ ओर की जररूरत है. ...Read More
महिमा: शक्तिशाली तलवार (सीजन 1) चैप्टर 4
राघव देखता है कि आग का बहोत बडे गोले जैसी जादुई शक्ति उसकी और बढ रही है. और फिर अचानक से एक बडे धमाके के साथ फट जाता है. और चारो और गहरा धुआँ फैल जाता है. यह देखकर पुरुष जिन्न और स्त्री जिन्न दोनों जोर- जोर से हंसने लगते हैं।थोडी देर बाद धुआँ हटता है. और वे दोनों जिन्न देखते हैं, लॉकेट की शक्ति से राघव के चारों ओर एक जादुई सुरक्षा कवच बना हुआ था। जिसके कारण राघव को कुछ भी नहीं हुआ था और वह ज्यो का त्यों ऐसे ही खडा हुआ था।ऐसे ही उन दोनों ...Read More
महिमा: शक्तिशाली तलवार (सीजन 1) चैप्टर 5
कलिंगेश की पत्नी अलीना ने भावुक होकर कहा, "मेरा बेटा हरमीत कुशल योद्धा ही नहीं बल्कि एक अच्छा पिता था. राघव ने कहा, पिता?"कलिंगेश बोलता है, हाँ मेरे बेटे हरमीत की शादी परवास प्रदेश की राजकुमारी लीजा से हुई थी. उनका एक बेटा था. जिसका नाम वीर था. ओर उसके गले मे बचपन मे ही एक तलवार का लॉकेट पहना दिया था जो उसे उसके दादा कलिंगेश यानी मैंने दिया था.तभी लिली ने कहा, फिर तुम दोनों ऐसे जिन्न कैसे बन गए?तुम्हारा बेटा हरमीत और लीजा कहा है?राघव ने हैरानी से पूछा...ये सुनकर कलिंगेश जिन्न उदासीन भाव मे कहता ...Read More
महिमा: शक्तिशाली तलवार (सीजन 1) चैप्टर 6
कलिंगेश राघव को बताते हुए कहता है, "यहां से कई मिलो दूर काली पहाडी है जोकि खतरों और जादूई से भरी हुई है पहाडी के ऊपर घना जंगल है. उसके बाद में एक नीली झील है जिसको तैर कर पार नहीं किया जा सकता है।"तैर कर पार नहीं सकते है क्यूँ? सौरव ने हैरानी से कहा। इस पर कलिंगेश कहता है, ऐसा नदी की शक्ति के कारण है. अगर कोई उसे तैर कर पार करने की कोशिश करता है, तो वह नदी उसको अपने अंदर डूबाकर मार देती है. उस नदी के पार दिव्य गिरी नामक एक विशाल पर्वत ...Read More