नीली रोशनी

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राणा जैसे ही कमरे में प्रविष्ट हुआ तो चौंक उठा राज के सिर पर पट्टी बंधी हुई थी।उसके पास बैठते हुए राणा बोला, क्या रात में दीवार के साथ सिर टकराया था ?हां।अगर यह सच है तो तुम्हें पागलखाने में भर्ती हो जाना चाहिए। राज हंस पड़ा, फिर बोला रात फिगही के आदमीयों से टकराव हो गया था।लेकिन तुम्हें कैसे पता कि वे फिंगही के आदमी थे।उनमें एक व्यक्ति को मैंने पहचान लिया था।वह फिंगही का आदमी था वह मेरे हाथों को बुरी तरह से घायल कर गया।यानि कि चचा फिंगही चांदपुर में मौजूद है ?हां।

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नीली रोशनी - 1

राणा जैसे ही कमरे में प्रविष्ट हुआ तो चौंक उठा राज के सिर पर पट्टी बंधी हुई थी।उसके पास हुए राणा बोला, क्या रात में दीवार के साथ सिर टकराया था ?हां।अगर यह सच है तो तुम्हें पागलखाने में भर्ती हो जाना चाहिए। राज हंस पड़ा, फिर बोला रात फिगही के आदमीयों से टकराव हो गया था।लेकिन तुम्हें कैसे पता कि वे फिंगही के आदमी थे।उनमें एक व्यक्ति को मैंने पहचान लिया था।वह फिंगही का आदमी था वह मेरे हाथों को बुरी तरह से घायल कर गया।यानि कि चचा फिंगही चांदपुर में मौजूद है ?हां।किन्तु वह इस घटना के ...Read More

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नीली रोशनी - 2

रोजी का अपहरणदक्षिण अफ्रीका के गेलफोम पहाड़ की चोटी हमेशा बर्फ से ढकी रहती है। प्रोफेसर सतीश किसी प्रकार पहुंच गए थे।वहां उन्हें सैकड़ों सालों से दवी हुई राजकुमारी फूलवती की लाश मिली लाश आभुषणों से लदी हुई थी।उसमे एक लाकेट भी था,जिसे प्रोफेसर सतीश साथ ले आए थे।एक खास धातु से बने उस चौकोर लाकेट पर तहरीर लिखी हुई थी,जिसके अंदर की तरफ एक नक्शा बना हुआ था।वह नक्शा खजाने का था।प्रोफेसर सतीश ने एक दिन खुले आम उस लाकेट का जिक्र होटल में कर दिया था।जिसकी वजह से फिंगही व डेविड को उस लाकेट की जनाकरी मिल ...Read More