આર્ટ એન્ડ આર્કિટેક્ચર કંપનીમાં આજે સવારથી બધા એમ્પ્લોયની ભાગદોડ ચાલુ હતી, કારણ કે જે ક્લાયન્ટ ૧૪ દિવસ બાદ આવવાના ...
જો તમે પ્રેમમાં પડી જાઓ તો પછી શું કરો? તમારા પ્રિયપાત્રને તમારા જીવનમાં લાવવા તમે કઈ હદ સુધી જઈ ...
इस घर में प्यार मना है… क्योंकि यहाँ प्यार ने कभी किसी को पूरा नहीं छोड़ा। या शायद… क्योंकि इस घर का ...
लेकिन ठंडी हवेली, मंडप सजाया गया है, गुलाबी और सुनहरी डेकोर के बीच शहनाई की हल्की धुन। समय: रात 11 ...
नवंबर की हल्की ठंड... और मीठी-सी धूप में... आँगन में बैठी महक अपने गीले बालों को सुखाते हुए कुछ गुनगुना रही ...
राधा का बचपन किसी धुंधली सुबह जैसा था, जहाँ रोशनी तो थी पर गर्माहट नहीं। सात भाई-बहनों के उस ...
పల్లె పడచు - వెన్నెలమనసుఅదొక అందమైన కుగ్రామం. స్వచ్ఛమైన గాలి, మదిని పులకరింపజేసే వాతావరణం. అటు ఇటు ఊగుతూ నవ్వుతూ పలకరించే పచ్చని పొలాలు, ఎటు ...
રામપુરની સવાર સામાન્ય રીતે કોયલના ટહુકાથી જાગતી, પણ આજે રામપુર પંચાયત કચેરીની અંદરનો ગરમાવો ગામની શાંતિને ચીરી રહ્યો હતો. ...
Karan Thakur उम्र (26) – शांत, समझदार, काबिल AI इंजीनियर। Kabir Thakur उम्र (25) – चुलबुला, मासूम, तेज दिमाग वाला ...
Heroine: शानवी सिंह Hero: कार्तिकेय (दिन में बिल्ली, रात में इंसान) शानवी सिंह को अकेलापन काटने दौड़ता था। बड़े शहर में छोटी ...
Safar e raigah sirf shahmeer ki nahi balke ayat ki bhi kahani hai ek ameer zadi jo apne baap ...
ಎಲ್ಲರಿಗೂ ನಮಸ್ಕಾರ ,ನಾನು ಬರೆಯುವ ಈ ಕಥೆ ಕೇವಲ ಕಾಲ್ಪನಿಕ ಯಾವುದೇ ವಿಷಯ,ವ್ಯಕ್ತಿ,ಸ್ಥಳಕ್ಕೆ ಸಂಬದ್ದಿಸಿದ್ದಾಗಿರುವುದಿಲ್ಲ ಇದು ನನ್ನ ಮೊದಲ ಕಥೆ ತಪ್ಪಿದಲ್ಲಿ ಕ್ಷಮಿಸಿ, ಈಗ ಕಥೆ ...
Hello everyone, This story is entirely fictional. It has no connection with any real person, place, or incident. Since this ...
मैंने उत्सुकता से कहा,“भंते जी, चलिए ज़रा करीब से देखते हैं… दूर से तो कुछ साफ दिखाई ही नहीं ...
માંદગીમાંદગીપાત્રો: તુષાર (એક કિશોર)1.લલિતભાઈ : પિતા.2.કલા બહેન : માતા3.ઝમકુ : કામવાળી4.પ્રવિણા : ...
हवाई अड्डे की भीड़ में मेहरीश एक पतली सी रेखा की तरह खड़ी थी। उसके कंधे पर एक छोटा ...
बारिश तेज़ हो रही थी। शहर की ऊँची इमारतों के बीच खड़ी वह काँच की इमारत इतनी ठंडी लग ...
मां कमरे में बड़बड़ाते हुए दाखिल होती है ....ये लड़की पता नही कब सुधरेगी ...!! वंदना: 8 बज गए है ...
कर्ज़ की दस्तक गाँव में शाम हमेशा जल्दी उतर आती थी।सूरज अभी पूरी तरह डूबा भी नहीं था, लेकिन प्रताप ...
हॉस्पिटल में आईसीयू के बाहर की हवा भारी थी, जिसमें फिनाइल की तीखी गंध और वेंटिलेटर की 'बीप-बीप' करती ...