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સનાતન ધર્મની વાતો

by Siddharth Maniyar
  • 103.4k

આજના સમયમાં જે પ્રમાણે ટેકનોલોજીનો વિકાસ થઇ રહ્યો છે, તેટલી જ ઝડપથી માહિતીનું પણ આદાન પ્રદાન થઇ રહ્યું છે. ...

गीता आज के इंसान के लिए

by Shivraj Bhokare
  • 8.9k

( ⚠️ पढ़ने से पहले ज़रूर जानें! धार्मिक नहीं, तार्किक: यह किताब किसी धर्म या संप्रदाय के लिए नहीं, बल्कि ...

अमृत वाणी

by Nitya Oswal
  • 7.6k

संत कबीर जी के इस दोहे को अक्सर लोग गलत समझ लेते हैं। वे सोचते हैं कि कबीर जी ...

तुम मेरी आखिरी सांस हो

by kajal jha
  • 52k

खामोश हवेली का रहस्य रात के सन्नाटे को चीरती हुई अयान मल्होत्रा की महँगी एसयूवी (SUV) शहर के शोर-शराबे से ...

डोंबिवली फास्ट कोड ६०

by Siddhesh Chaudhari
  • 10.1k

डोंबिवली स्टेशनच्या प्लॅटफॉर्म नंबर ३ वर सकाळी ९:१५ वाजता पाय ठेवायलाही जागा नव्हती. मध्य रेल्वेची ही सर्वात भयानक वेळ. ...

अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तान।

by kajal jha
  • 47.7k

एपिसोड 1: वीरान हवेली की अनकही दस्तक पहाड़ों की ऊँचाइयों पर, घने चीड़ के पेड़ों के बीच छिपी हुई ...

వెంటాడే నీడలు

by sivaramakrishna kotra
  • 26.4k

ఇక్కడివరకూ నచ్చిందనే ఆశిస్తా. ఆ మర్నాడు తన పద్దెనిమిదో పుట్టినరోజు అనగా తన తల్లి మీద మర్డర్ అటెంప్ట్ చేసింది సారిక తనకేమాత్రం ఆ విషయమై స్పృహ ...

सूर्यकुल का सूर्यास्त

by ALLA NOOR KHAN
  • 20.4k

क्षितिज के उस पार तक फैला आकाश आज नीले रंग का नहीं, बल्कि ताजे बहते रक्त के समान गहरा ...

Raaz

by Aarushi Singh Rajput
  • 4.2k

Chapter 1 दिल्ली। सुबह के सात बजे। अलार्म की तेज़ आवाज़ पूरे कमरे में गूँज रही थी। बिस्तर पर चादर में ...

50 दिन का सन्नाटा

by Priya Chaudhary
  • 29.6k

(साउंड इफेक्ट: एक पुरानी घड़ी की 'टिक-टिक' की आवाज जो धीरे-धीरे दिल की धड़कन जैसी तेज होती है। बाहर ...

ચીથરા

by Mansi Desai Shastri
  • 20k

પ્રસ્તાવના: અસ્તિત્વના ઉંબરે... ​સમાજ જેને 'સફેદપોશ' કહે છે, એની પાછળ કેટલા અંધારા ખૂણા છુપાયેલા હોય છે? અને એ અંધારામાં જ્યારે ...

અનોખી સફર - અમાવસ્યાથી પૂર્ણિમા સુધી

by Dakshesh Inamdar
  • (4.5/5)
  • 301.1k

અંધારું હજી છવાયેલું હતું ઠંડી પણ પુરબહારમાં હતી.. સિડનીની સુમસામ સડકો.. નિઃશબ્દ સ્ટ્રીટ..હજી સવારના છ વાગ્યા હતાં સિટીમાં ...

நிழல் தரும் வசந்தம்

by kattupaya s
  • 129k

அந்த நாளை எப்படி துவங்குவது என்பது பிரேமுக்கு தெரியவில்லை. எப்போதும் போல இருந்து விட முடியவில்லை. வேலையில்லா நாட்கள் பெரும் சுமையாய் இருந்தன. படிப்பு முடிந்து ...

आध्यात्मिक दर्शन

by Janshi Saroha
  • 7.6k

ये पुस्तक मैं,मेरे गुरुदेव प्रभु श्रीमत्परमहंस परिव्राजकाचार्य श्रोत्रिय ब्रह्मनिष्ठ जूनापीठाधीश्वर आचार्यमहामण्डलेश्वर अनन्तश्रीविभूषित स्वामी अवधेशानन्द गिरि जी महाराज जी ...

दिल ने जिसे चाहा

by R B Chavda
  • (4.6/5)
  • 212.1k

मैं यह कहानी दोबारा लिख रही हूँ, लेकिन इस बार बिल्कुल वैसे, जैसे मैंने इसे अपने दिल में महसूस ...

Devil की दास्तान

by Sonam Brijwasi
  • 10.4k

अंधेरी रात, दिल्ली के आसमान पर काले बादल उमड़े हुए। लाल बिजली चमकती है। धरती पर एक अजनबी उतरा है। ...

સરકારી પ્રેમ

by Maulik Vasavada
  • 390.3k

૧૯૯૧સમગ્ર ભારતમાં અરાજકતાનો‌ માહોલ હતો. દેશ ભયંકર મંદી ના વિષચક્ર થી પસાર થઈ રહ્યો હતો. આખા વિશ્વમાં ભયંકર મંદી ...

সুপ্ত প্রেমের আগুন

by L Anjum Author
  • 31.2k

এক সুন্দর সকালের সূচনা।সবে মাত্র 4:00 বাজে। এখনো সূর্যী মামার পুরোপুরি আকার দেখা যায়নি। সকালের আকাশ যেনো একটু ঘুম ...

ರಕ್ತ ಲಿಪಿಯ ಚಿರಂಜೀವಿ

by Danger Writer
  • 118.9k

ಬೆಂಗಳೂರಿನ ಆ ಅರೆಬರೆ ಕತ್ತಲ ರಸ್ತೆಗಳಲ್ಲಿ ರಾತ್ರಿ ಒಂದು ಗಂಟೆಯೆಂದರೆ ಅದು ಕೇವಲ ಸಮಯವಲ್ಲ ಅದು ಮನುಷ್ಯರ ಲೋಕ ಮತ್ತು ಮೃತ್ಯುಲೋಕದ ನಡುವಿನ ಒಂದು ತೆಳುವಾದ ...

शहद की गुड़िया - रंजन कुमार देसाई

by Ramesh Desai
  • 160k

15 अक्टूबर 2003 को दिल्ली की अस्पताल में मेरा जन्म हुआ था. उस वक़्त वक़्त तेज बारिश हो रही ...