"मीठे बादल मीठी बरखा"(हिंदी नाटक - प्रबोध कुमार गोविल)पात्र परिचय :1. मंत्रणा - तिब्बत से आई हुई एक युवा ...
बस बुरी तरह से भरी हुई थी। ऊपर, पीछे, दरवाजों पर लोग लटके हुए थे। अंदर तीन की सीट ...
सदी का दूसरा दशक बीत चुका है। सदी बाईसवें साल और तीसरे दशक की राह पकड़ चुकी है।तो अब ...
हिंदी फ़िल्म जगत का पिछले लगभग आठ दशक का इतिहास बताता है कि यहां एक टॉप पर पहुंचे हुए ...
नायिकाओं के लिए फ़िल्मों का ये दौर बेहद चुनौती भरा था। इसका कारण ये था कि अब कलाकारों की ...
ज़ीनत अमान के बाद एक और सफल अंग्रेज़ अभिनेत्री के तौर पर कैटरीना कैफ जब फ़िल्मों में आईं तब ...
नई सदी में फ़िल्म कलाकारों की मानसिकता में एक बड़ा बदलाव ये आया कि कलाकार अपनी भूमिका और उसमें ...
भारतीय फिल्म आकाश में कई नक्षत्र सितारों से चमके हैं। अलबत्ता बॉलीवुड तो है ही सितारों की आकाश गंगा, ...
सदी जा रही थी और एक नई सदी आ रही थी। नया ज़माना दस्तक दे रहा था।शाहरुख खान और ...
सदी के आखिरी दशक में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय सौंदर्य स्पर्धाओं से बेहद उत्साह जनक खबरें आईं। लगातार कई ...