Best Short Stories in English, Hindi, Gujarati and Marathi Language

પ્રેમ સાથે સમજણ

by Dr. Nilesh Thakor

પ્રેમ સાથે સમજણ સર્વમ સવાર થી ગિન્નાયેલો હતો, “આટલી મહત્વ ની મીટિંગ હું ભૂલી કેમ નો ગયો?” એ ...

कॉफी शॉप की अधूरी मुलाकात

by Bharti 007
  • 138

बारिश उस दिन कुछ ज़्यादा ही ठहरकर बरस रही थी, जैसे शहर को नहीं—अन्वी के दिल को भिगोना चाहती ...

ऐसा ही होता है

by Rajeev kumar
  • 207

ऐसा ही होता है दिन भर मशीन की गड़गड़ और घर की चख-चख से बड़ी दुर, गंदा नाला के ...

पतंगों से लालटेन तक

by Ankur Saxena Maddy
  • 141

14 जनवरी की सुबह जयपुर में कुछ अलग ही रंग लेकर आती है। ठंडी हवा में हल्की धूप, छतों ...

हिकमत और कमाई

by Devendra Kumar
  • 285

कल मुझे गुडगाँव से एक मीटिंग के लिये दिल्ली प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया में एक आयोजान में जाना था. ...

ग्रे शेड्स

by Dr Sandip Awasthi
  • 375

________________________ लगता है सब कुछ व्यर्थ है।क्योंकि सभी तरफ झूठ जीत रहा और सच हार रहा। सोशल साइट्स ...

The Letter That Waited

by Amrin Chunara
  • (5/5)
  • 312

Every morning at exactly six, Meera swept the small veranda of her house, even though no dust ever stayed ...

प्रवास अनंता पर्यंतचा

by Vrishali Gotkhindikar
  • (3.7/5)
  • 927

ही गोष्ट आहे तुझ्या अनंताच्या प्रवासाची तुझा वाढदिवस होता 31ऑगस्ट ..खुप छान साजरा झाला..खुप दिवस व्हाईट आर्मीला देणगी द्यायचे ...

कन्यादान

by A
  • 732

दिल्ली की एक छोटी सी कॉलोनी में, जनवरी का महीना था। ठंडी हवा चल रही थी, और घरों में ...

ऊपर उठी हुई नाक

by Deepak Sharma
  • 783

कहानी: दीपक शर्मा “मेरी ट्विट अपनी पूरी उड़ान नहीं भर रही। ...

The London Singularity: Unfolding Organic Chemistry at 2:00 AM

by harshil shah
  • 474

Three months in London is a long time to be a stranger, but just enough time to feel like ...

मालिका....आयुष्यातल्या अनुभवांची - 14

by Arpita
  • (5/5)
  • 831

पान १४ ऐका ना ! आमच्या शाळेत खूप वेगवेगळ्यास्पर्धाअसायच्या. म्हणजे मी असा कधीच भाग ...

स्मृतियों की खाट

by Rinki Singh
  • (4.8/5)
  • 741

दरवाज़े के बगल में रखी पुरानी सी खाट पर बैठकर हरिप्रसाद जी हर सुबह चाय की चुस्कियों के साथ ...

कुंती का खेल

by Deepak Sharma
  • 869

कुंती को वह खेल अकस्मात ही सूझा था। टंडन मेम ...

कोई फर्क नहीं पडता

by InkImagination
  • (0/5)
  • 975

कोई फर्क नहीं पड़तावो कॉलेज की पुरानी, घिसी-पिटी सीढ़ियों पर बैठी रहती, घुटनों को सीने से चिपकाए। नीचे, ग्राउंड ...

टप्पे के बाद

by Deepak Sharma
  • 954

स्टेशन पर बहन ने मुझे अकेले पाया तो एकाएक उस का चेहरा बदल- बदल गया। भेद- भरे स्वर में ...

How I Lost Them Both

by Suman Mandal
  • (0/5)
  • 462

[Short Description :A story of choices made too late.From an unseen connection during board exams to a comfortable relationship, ...

కాస్తా ఆలోచించండి!!

by Sita Chadaram
  • (0/5)
  • 942

ఒకరు వద్దు అని చెప్పారు అంటే అది వద్దు అని అర్ధం. అది కూడా పర్టిక్యులర్ గా ఒక అమ్మాయి వద్దు అంది అంటే అసలు ...

Unlocking Vibrant Health: How Intermittent Fasting

by Rajveersinh Makavana
  • 369

Unlocking Vibrant Health: How Intermittent Fasting, Gut Health & Superfoods Work Together to Transform Your BodyIntroduction: Why Modern Nutrition ...

ప్రియా నువ్వేనా

by Nagavaralakshmi
  • (5/5)
  • 1.1k

పరగుల జీవితం కష్టంలో బ్రతుకుతూ ఇస్టాల్ని వదిలేసి ఒత్తిడి తో ఊరేగుతున్న సమాజం.మనసారా నవ్వి కళ్ళారా ప్రకృతి అందాలను చూసి ఎంత కాలం అయ్యిందో కదా. ...

पहला अनकहा प्यार

by ch Devendra
  • (4.5/5)
  • 870

पहला प्यार लव एट फर्स्टसाइट ये बहुत लोगों को हुआ है, बहुतों ने इसे फिल किया है कुछ का ...

આશીર્વાદ - પૈસાથી કે કર્મથી

by Bhavi Thakkar
  • 790

“આશીર્વાદ - પૈસાથી કે કર્મથી?” “આશીર્વાદ મળે છે પૈસાથી? કે મળે છે આપણા કર્મોથી?”હમણાં જ મને આ સવાલનો ઊંડો ...

మధుర క్షణం

by D V Phanishyam
  • 1k

మధుర క్షణంఉదయం కాఫీ షాప్‌లో రాహుల్ అలసిపోయి, కానీ ఒకరకమైన తృప్తితో కూర్చుని ఉన్నాడు. అతని కళ్ల కింద ఏర్పడిన నల్లటి వలయాలు, ఆ రాత్రి ...

एक अनकही प्यार की शुरुआत

by Bharti 007
  • (5/5)
  • 975

जबलपुर की शांत गलियों में पली-बढ़ी आराध्या त्रिपाठी के सपनों में एक ही तस्वीर थी—सफेद एप्रन, स्टेथोस्कोप और एक ...

खामोशी के बाद

by Deepak Bundela
  • 1.2k

“खामोशी के बाद”हाय…मैं रीना हूँ।आज जब मैं यह सब लिख रही हूँ, मेरी उम्र चालीस के पार है। बाहर ...

ప్రాణమా... - 1

by amani reddy
  • (4.9/5)
  • 2.1k

అర్జున్ హైదరాబాద్ లో హాస్టల్ లో ఉండి ఇంటర్ చదివే రోజులు అవి..డైలీ కాలేజ్.. అది అవ్వగానే హాస్టల్ కి వచ్చి తన ఫ్రెండ్స్ తో ...

तुम हो साथ जो मेरे

by Juhi Upadhyay
  • 816

नमस्कार मेरा नाम जूही उपाध्याय है मैं मनोविज्ञान व्याख्याता हूंँ।अपनी कुछ बातों को आप सबके सामने रखना आई हूंँ।मेरे ...

प्रमाणपत्र

by Rinki Singh
  • (4.9/5)
  • 930

ऑनलाइन कवि सम्मेलन की तैयारी में नीलिमा पुरानी अलमारी खंगाल रही थी |विषय था- "अपनी पहली रचना"|सोच रही थी, ...

मालिका....आयुष्यातल्या अनुभवांची - 13

by Arpita
  • (4.7/5)
  • 1.9k

( मला माहितीये, आज मी तुमच्याशी खूप दिवसांनी बोलतीये म्हणजे आपण 23 ऑगस्ट 2024 ला बोललो होतो.कारण माझ्या गोष्टीचा ...

दोस्त

by Rajeev kumar
  • 852

दर-बदर भटकते हुए मंगरू अब हिम्मत हार चुका था ,उसके हाथ में कई बार मुड़ा और फटा कागज इस ...