Best Short Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Short Stories in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultur...Read More


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    બે કોલેજના ત્રણ વર્ષના ગોલ્ડન period નો આજે છેલ્લો દિવસ હતો.કોલેજમાં છેલ્લે વિદા...

  • 20 Micros - 4

    The Secret Recipe   The afternoon sun lay softly over Chennai, filtering through...

  • બ્લુ કોથળી, અને માં નું મન.....

    જિંદગી ઘણીવાર આપણને એવા વળાંક પર લાવીને ઉભા કરી દે છે જ્યાં આપણી નાની અમસ્તી ફરિ...

पहचान की धुंध By kajal jha

शीर्षक: अनाम अहसाससब कुछ एक 'गलत नंबर' से शुरू हुआ था। आर्यन ने अपने दोस्त को फोन लगाया था, लेकिन दूसरी तरफ से एक सौम्य और ठहरी हुई आवाज़ आई— "हेलो?"वह आवाज़ मीरा की थी। उस ए...

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बेटे की चाह By Jeetendra

ड्राइंग रूम के पुराने सोफे पर बैठी सुमित्रा देवी अपनी उंगलियों में फंसी माला को बड़ी तेजी से फेर रही थीं। कमरे में अगरबत्ती का धुआं किसी भारी कोहरे की तरह तैर रहा था। नेहा रसोई में...

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नेहरू फाइल्स - भूल-115 By Rachel Abraham

भूल-115 नेताजी सुभाष बोस के प्रति दुर्व्यवहार नेताजी की मृत्यु की जाँच करवाने, जाँच रिपोर्ट को प्रभावित करवाने (भूल#112), आई.एन.ए. के प्रति शत्रुतापूर्ण रवैया रखने (भूल#114) और नेत...

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Best Friend By Pravin Bhalagama

બે કોલેજના ત્રણ વર્ષના ગોલ્ડન period નો આજે છેલ્લો દિવસ હતો.કોલેજમાં છેલ્લે વિદાય સમારંભ પતાવી અમે કોલેજની બહાર જઈ રહ્યા હતા.એ બાંકડાઓ જ્યાં અમે કોલેજમાં વહેલા આવી જઈને મિત્રોને રા...

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20 Micros - 4 By Dr Atmin D Limbachiya

The Secret Recipe   The afternoon sun lay softly over Chennai, filtering through the neem tree outside Ananya’s ancestral home in Mylapore. Dust motes floated lazily in the air as...

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કોર્પોરેટ ચક્કર - 2 By Ankit Maniyar

મહેશ આજે પણ ઓફિસમાં સૌ કરતા વહેલો આવ્યો હતો. ટેબલ પર ફાઈલોનો ઢગલો, મેઇલ્સની લાઈનમાં લાલ નિશાન અને ફોન પર સતત આવતા કોલ્સ—આ બધું હવે એની રોજિંદી જિંદગી બની ગઈ હતી. આ વખતે એક ખાસ ગ્રા...

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સિનેમા - સ્વ અને પર મૂલ્યાંકન - 10 By Shailesh Joshi

ફિલ્મ માટે એક લેખકની વેદના નાઆજીજી ના'ફક્તને ફક્ત હ્રદય પૂર્વકની વિનંતી"  એક લેખક માટે આમ જોવા જઈએ તો ચોક્કસ પણે એવું કહી શકાય કે, "લખવું એટલે વાવવું" પછી......એ ક્યારે ઊગે, કે...

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विदुर नीति संवाद - विदुर और धृतराष्ट्र के बीच By Prithvi Nokwal

विदुर नीति संवाद – विदुर और धृतराष्ट्र के बीचमहाभारत केवल एक युद्धकथा नहीं है, बल्कि यह जीवन, धर्म, राजनीति, समाज और मानव स्वभाव का गहन विश्लेषण प्रस्तुत करने वाला महाग्रंथ है। इसम...

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બ્લુ કોથળી, અને માં નું મન..... By jadeja priyaba

જિંદગી ઘણીવાર આપણને એવા વળાંક પર લાવીને ઉભા કરી દે છે જ્યાં આપણી નાની અમસ્તી ફરિયાદ પણ બહુ મોટી ભૂલ જેવી લાગવા માંડે છે. આપણે હંમેશા એ જ જોતા હોઈએ છીએ કે આપણી પાસે શું નથી, પણ એ જો...

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शांति प्रस्ताव से पहले द्रोपदी और श्री कृष्ण संवाद By Prithvi Nokwal

शांति प्रस्ताव से पहले द्रौपदी और श्रीकृष्ण संवाद(महाभारत प्रसंग पर आधारित विस्तृत संवाद)उपप्लव्य नगरी में पांडवों का शिविर लगा हुआ था। वनवास और अज्ञातवास की कठिन परीक्षाओं के बाद...

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पुरानी हेवेली का प्रेम By kajal jha

पुरानी हवेली का प्रेम: एक अधूरी दास्तानपहाड़ों की तलहटी में बसी वह पुरानी हवेली सालों से वीरान पड़ी थी। लोग कहते थे कि उस हवेली की दीवारों में दर्द और चीखें दफन हैं। शहर की भागदौड़ स...

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Republic Day By bhavesh

"ગૌરવ છે મને ભારતીય હોવાનો, ગર્વ છે મને મારા લોકશાહી દેશનો. હેપ્પી રિપબ્લિક ડે!""જેનો સૂરજ કદી આથમતો નથી, એવો મારો ભારત દેશ મહાન છે.""વિવિધતામાં એકતા એ જ અમારી શાન છે, એટલે જ તો મા...

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श्री कृष्ण द्वार हस्तिनापुर की राजसभा में शांति प्रस्ताव! By Prithvi Nokwal

श्रीकृष्ण द्वारा शांति प्रस्ताव संवाद(महाभारत प्रसंग पर आधारित विस्तृत संवाद)हस्तिनापुर की राजसभा सजी हुई थी। विशाल स्तंभों से सुसज्जित उस सभा में कौरवों और पांडवों के बीच चल रहे त...

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बलि का बकरा By Jeetendra

गाँव की पगडंडी पर धूल उड़ रही थी। सूरज ढलने को था, लेकिन हवा में एक अजीब सी तपन थी। माधव अपनी पुरानी साइकिल रोके खड़ा था। सामने खलिहान में पंचायत बैठी थी। सन्नाटा ऐसा कि सूखे पत्तों...

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जीरो बेरोजगारी By Jeetendra

शहर की सुबह अब अलार्म की आवाज़ से नहीं, बल्कि एक अजीब सी खामोशी से शुरू होती थी। निखिल अपनी बालकनी में खड़ा नीचे की सड़क को देख रहा था। सड़क बिल्कुल साफ थी, न कहीं कचरा, न कहीं ट्र...

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श्री कृष्ण-अर्जुन-दुर्योधन संवाद पर आधारित नारायणी सेना मांगने का प्रसंग By Prithvi Nokwal

नचे श्रीकृष्ण–अर्जुन–दुर्योधन संवाद पर आधारित नारायणी सेना माँगने का प्रसंग**श्रीकृष्ण, अर्जुन और दुर्योधन का संवाद(नारायणी सेना का प्रसंग)**द्वारका की प्रातःकालीन वेला थी। समुद्र...

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महाभारत का प्रसिद्ध पासा क्रीड़ा प्रसंग: दुर्योधन और युधिष्ठिर By Prithvi Nokwal

महाभारत का प्रसिद्ध पासा क्रीड़ा प्रसंग: दुर्योधन और युधिष्ठिरमहाभारत: जब धर्म पासों की चाल में उलझ गयाहस्तिनापुर का राजमहल उस दिन असामान्य रूप से शांत था। आकाश में बादल घिरे थे, म...

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आजाद सवेरा By Jeetendra

 कोहरे की चादर ने पूरी घाटी को ढका हुआ था। दूर कहीं से आती हुई झरनों की आवाज सन्नाटे को और गहरा बना रही थी। एक पुरानी लकड़ी की चौकी, जिसकी दीवारें समय की मार से काली पड़ चुकी थीं,...

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आज़मी साहब मीठा नहीं खाते By Dr Sandip Awasthi

संदीप अवस्थी कई बार लगता है कि धर्म को हम चलाते हैं। पर ऐसा है नहीं दरअसल धर्म मजहब हमें चला रहा होता है। यह तो जगजाहिर  है कि मनुष्य पहले या धर्म पहले?  तो फिर कुछ लोग इ...

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પ્રેમનો બદલાવ By Mrugzal

|| # વિચારોનું વૃંદાવન # ||                                    !!! પ્રેમનો બદલાવ !!!                            રાજુ એટલે મારી ઓફિસનો એક પટાવાળો. શાહપુરના મારા ત્રણ વર્ષના નોકરીના...

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સંસ્કાર By Vinaysagar

નમસ્કાર મિત્રો આજનો ટોપિક છે ""સંસ્કાર"" મિત્રો જીવનમાં જાણતા અજાણતા તમે કેટલીયે ભૂલો કરી હશે.. પણ એ ભૂલો તમે તમારા સંતાનો ને જણાવશો નહીં... કેમકે સંતાનો એ અખતરો કરવા જશે તો મુશ્કે...

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The Voodoo Halfworlds (series). The Beginnings - Chapter 4 By Miguel A Reyes Mariano

The Voodoo Halfworlds (series). Netherworlds Remembers – Ch.4Clark (2014), Dayan (1995), Fernández Olmos & Paravisini-Gebert (2017), Hebblethwaite (2015), and Nwokocha (2023) argue...

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अधुरी चिट्ठी By kajal jha

अधूरी चिट्ठीगांव के किनारे बसे एक छोटे से घर में राधा मैया रहती थीं। उम्र हो चली थी उनकी – साठ के पार। चेहरे पर झुर्रियां थीं, लेकिन आंखों में आज भी वही चमक जो बचपन में बेटे को गोद...

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सपनों का कैनवस: एक जादुई हकीकत By khushboo

लेखिका: [खुशबू️......दुनिया की भीड़ में श्री खुद को हमेशा अकेला पाती थी। उसके विचार, उसकी पसंद और जीने का तरीका सबसे अलग था, शायद इसीलिए लोगों से उसकी पटरी कभी नहीं बैठी। रिश्तों के...

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युद्ध से पहले श्रीकृष्ण, माता कुंती और कर्ण के बीच हुए संवाद पर आधारित ! By Prithvi Nokwal

यह महाभारत की कथाओं पर आधारित रचनात्मक संवाद है, जिसमें मूल भाव सुरक्षित रखे गए हैं।युद्ध से पहले श्रीकृष्ण, माता कुंती और कर्ण का संवादकुरुक्षेत्र के युद्ध की विभीषिका से ठीक पहले...

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वक्त की रेत,ढेर सारी मासूमियत By Abantika

"वक्त रेत की तरह हाथों से फिसल जाता है, पर पीछे छोड़ जाता है कुछ सुनहरी यादें। यहाँ मैं साझा करूँगी अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी के वो छोटे-छोटे और मासूम किस्से, जो कभी 'मक्खी जी&#...

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నా కోసం రెండు అడుగులు By M C V SUBBA RAO

నా కోసం రెండు అడుగులు ఒరేయ్ ప్రసాదు… అమలాపురానికి బస్సు రిజర్వేషన్ చేయించు. ఇప్పటినుంచి చేయించుకోపోతే టికెట్లు దొరకవు. ఆఖరి సమయంలో వేలకు వేలు పోసి కొనుక్కోవాలి… అన్నాడు రామారావు ఉద...

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पिंजरे के बाहर का आकाश By Jeetendra

शहर की चकाचौंध से दूर एक मध्यमवर्गीय अपार्टमेंट की बालकनी में खड़ी अदिति अपनी कॉफी के कप से उठती भाप को देख रही थी। सुबह के सात बज रहे थे। घर में शांति थी, लेकिन उसके भीतर एक शोर म...

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रामायण युद्ध के पश्चात श्री रामजी और हनुमानजी का संवाद By Prithvi Nokwal

यहाँ युद्ध के बाद भगवान श्रीराम और हनुमान जी के बीच संवाद प्रस्तुत है — भावपूर्ण, भक्तिरस से युक्त और लगभग लंका का युद्ध समाप्त हो चुका था।रावण का अंत हो गया था, अधर्म पर धर्म की व...

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बारिश की वो शाम प्यार कि एक भीगी सुरुआत By kajal jha

बारिश की वो शामदिल्ली की गर्मियों में बारिश का मौसम आते ही शहर एक अलग ही रंग में रंग जाता है। सड़कें चमकने लगती हैं, हवा में मिट्टी की सोंधी खुशबू फैल जाती है, और लोग छाते थामे भाग...

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प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 By Abantika

Part 2"दिल्ली के सरोजिनी नगर मार्केट में बच्चों के कपड़ों की एक दुकान पर अपने सात साल के बेटे, सोनू के लिए ड्रेस चुनते-चुनते अचानक नागेंद्र के हाथ रुक गए।​उसने चोरी-छिपे और फिर थोड...

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My Paranormal Incidents - 6 By Payal

Chapter 6. The creepy girl Now, this is when I transferred out of city somewhere else far from my birth place. Tho, I don't find people here too pleasant to talk to I've ad...

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दो कहानी By Rajeev kumar

अस्तित्व मनोहर के मन-मस्तिष्क पर अस्तित्व शब्द ने खलबली मचा दी थी। उसने सुन रखा था कि आपका अस्तित्व ही आपका जीवन है। उसने कई लोगों से इस विषय पर चर्चा की लेकिन उस प्रश्न की जकड़न को...

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एकतरफा प्यार By Rajeev kumar

एकतरफा प्यार बरसात के बाद गुनगुनी धुप निकल चुकी थी। मौसम खुशनूमा हो गया था। हवा भी चल रही थी और नमी भी बरकरार थी। बरगद के पेड़ के पत्तों से अभी भी जल की बुदें तपक रही थी, जो पेड़ के...

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बारिश की पहली बुंदे By kajal jha

बारिश की पहली बूंदेंदिल्ली की गर्मियां हर साल की तरह इस बार भी बेहद बेरहम थीं। सूरज जैसे आसमान से आग बरसा रहा था। दोपहर के वक्त सड़कों पर निकलना किसी सज़ा से कम नहीं था। हवा में तप...

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उम्मीद की एक नई किरण By Jeetendra

शहर की भीड़भाड़ से दूर, एक पुराने जर्जर मकान की बालकनी में बैठे अविनाश के चेहरे पर गहरी चिंता की लकीरें खिंची हुई थीं। उसके हाथ में एक लिफाफा था, जिसे वह बार-बार खोलता और फिर बंद क...

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मिड-डे मील By Rinki Singh

प्राथमिक विद्यालय का प्रांगण कोलाहल से भरा हुआ था। आज स्कूल का अंतिम दिन था, कल से गर्मी की छुट्टियाँ शुरू होने वाली थीं। बच्चे आज कुछ ज़्यादा ही उत्साहित थे। कोई मैदान में दौड़ रह...

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बेटा By Rajeev kumar

बेटा बड़ी थकान महसुस हो रही थी। रास्ते में कई बार कई पेड़ के नीचे बैठ कर सुस्ता चुका मोहना का ऐसा हाल था। एक तो शरिरिक कमजोरी, उस पर तबियत खराब और जाना इतना जरूरी था कि बिना गए काम न...

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इश्क. - 17 By om prakash Jain

सिम्मी को रजनी मेहता अमेरिका वाली लड़की सहज संयोग से  मिल ही जाता है ।शेखर दोपहर को सिम्मी के घर आता है ।आज सिम्मी घर में  है ,रविवार के दिन सिम्मी मां के  घरेलु काम में हाथ बटा  र...

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घर जो कभी बेचा नही गया By InkImagination

घर जो कभी बेचा नहीं गयाशहर के सबसे चमकदार इलाके में, जहां हर तरफ़ गगनचुंबी इमारतें आसमान को चीर रही थीं, वो एक पुराना सा घर अकेला खड़ा था।चारों ओर कांच की दीवारें, नीली रोशनी वाली...

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मकर संक्रान्त आणि तिळाचा काटेरी हलवा By Vrishali Gotkhindikar

मकर संक्रांतीला तिळगुळ घ्या गोड बोला असे म्हणून आपण एकमेकांना तिळगुळ देतो .आपापसातील प्रेम जागृत राहावे कधी चुकून मतभेद झाले तरी ते विसरले जावे हा उद्देश त्यात असतो .आजकाल मात्र ही...

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डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा की लघुकथाएँ - 6 By Dr. Pradeep Kumar Sharma

डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा की लघुकथाएँ माँऑफिस से लौटकर जैसे ही वह घर पहुँचा, पत्नी बोलीं, "सुनिए जी, आपके पास किसी स्नेक रेस्क्यू वाले या सपेरे का फोन नंबर हो, तो बुला लीजिए। घर के पी...

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बगावती By Deepak sharma

                     “मैं सिनेमा जा रही हूं,”गली के नुक्कड़ पर उस बुद्धवार जैसे ही मां अपने झोलों के साथ प्रकट हु...

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पहचान की धुंध By kajal jha

शीर्षक: अनाम अहसाससब कुछ एक 'गलत नंबर' से शुरू हुआ था। आर्यन ने अपने दोस्त को फोन लगाया था, लेकिन दूसरी तरफ से एक सौम्य और ठहरी हुई आवाज़ आई— "हेलो?"वह आवाज़ मीरा की थी। उस ए...

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बेटे की चाह By Jeetendra

ड्राइंग रूम के पुराने सोफे पर बैठी सुमित्रा देवी अपनी उंगलियों में फंसी माला को बड़ी तेजी से फेर रही थीं। कमरे में अगरबत्ती का धुआं किसी भारी कोहरे की तरह तैर रहा था। नेहा रसोई में...

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नेहरू फाइल्स - भूल-115 By Rachel Abraham

भूल-115 नेताजी सुभाष बोस के प्रति दुर्व्यवहार नेताजी की मृत्यु की जाँच करवाने, जाँच रिपोर्ट को प्रभावित करवाने (भूल#112), आई.एन.ए. के प्रति शत्रुतापूर्ण रवैया रखने (भूल#114) और नेत...

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Best Friend By Pravin Bhalagama

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20 Micros - 4 By Dr Atmin D Limbachiya

The Secret Recipe   The afternoon sun lay softly over Chennai, filtering through the neem tree outside Ananya’s ancestral home in Mylapore. Dust motes floated lazily in the air as...

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કોર્પોરેટ ચક્કર - 2 By Ankit Maniyar

મહેશ આજે પણ ઓફિસમાં સૌ કરતા વહેલો આવ્યો હતો. ટેબલ પર ફાઈલોનો ઢગલો, મેઇલ્સની લાઈનમાં લાલ નિશાન અને ફોન પર સતત આવતા કોલ્સ—આ બધું હવે એની રોજિંદી જિંદગી બની ગઈ હતી. આ વખતે એક ખાસ ગ્રા...

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સિનેમા - સ્વ અને પર મૂલ્યાંકન - 10 By Shailesh Joshi

ફિલ્મ માટે એક લેખકની વેદના નાઆજીજી ના'ફક્તને ફક્ત હ્રદય પૂર્વકની વિનંતી"  એક લેખક માટે આમ જોવા જઈએ તો ચોક્કસ પણે એવું કહી શકાય કે, "લખવું એટલે વાવવું" પછી......એ ક્યારે ઊગે, કે...

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विदुर नीति संवाद - विदुर और धृतराष्ट्र के बीच By Prithvi Nokwal

विदुर नीति संवाद – विदुर और धृतराष्ट्र के बीचमहाभारत केवल एक युद्धकथा नहीं है, बल्कि यह जीवन, धर्म, राजनीति, समाज और मानव स्वभाव का गहन विश्लेषण प्रस्तुत करने वाला महाग्रंथ है। इसम...

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બ્લુ કોથળી, અને માં નું મન..... By jadeja priyaba

જિંદગી ઘણીવાર આપણને એવા વળાંક પર લાવીને ઉભા કરી દે છે જ્યાં આપણી નાની અમસ્તી ફરિયાદ પણ બહુ મોટી ભૂલ જેવી લાગવા માંડે છે. આપણે હંમેશા એ જ જોતા હોઈએ છીએ કે આપણી પાસે શું નથી, પણ એ જો...

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शांति प्रस्ताव से पहले द्रोपदी और श्री कृष्ण संवाद By Prithvi Nokwal

शांति प्रस्ताव से पहले द्रौपदी और श्रीकृष्ण संवाद(महाभारत प्रसंग पर आधारित विस्तृत संवाद)उपप्लव्य नगरी में पांडवों का शिविर लगा हुआ था। वनवास और अज्ञातवास की कठिन परीक्षाओं के बाद...

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पुरानी हेवेली का प्रेम By kajal jha

पुरानी हवेली का प्रेम: एक अधूरी दास्तानपहाड़ों की तलहटी में बसी वह पुरानी हवेली सालों से वीरान पड़ी थी। लोग कहते थे कि उस हवेली की दीवारों में दर्द और चीखें दफन हैं। शहर की भागदौड़ स...

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Republic Day By bhavesh

"ગૌરવ છે મને ભારતીય હોવાનો, ગર્વ છે મને મારા લોકશાહી દેશનો. હેપ્પી રિપબ્લિક ડે!""જેનો સૂરજ કદી આથમતો નથી, એવો મારો ભારત દેશ મહાન છે.""વિવિધતામાં એકતા એ જ અમારી શાન છે, એટલે જ તો મા...

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श्री कृष्ण द्वार हस्तिनापुर की राजसभा में शांति प्रस्ताव! By Prithvi Nokwal

श्रीकृष्ण द्वारा शांति प्रस्ताव संवाद(महाभारत प्रसंग पर आधारित विस्तृत संवाद)हस्तिनापुर की राजसभा सजी हुई थी। विशाल स्तंभों से सुसज्जित उस सभा में कौरवों और पांडवों के बीच चल रहे त...

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बलि का बकरा By Jeetendra

गाँव की पगडंडी पर धूल उड़ रही थी। सूरज ढलने को था, लेकिन हवा में एक अजीब सी तपन थी। माधव अपनी पुरानी साइकिल रोके खड़ा था। सामने खलिहान में पंचायत बैठी थी। सन्नाटा ऐसा कि सूखे पत्तों...

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जीरो बेरोजगारी By Jeetendra

शहर की सुबह अब अलार्म की आवाज़ से नहीं, बल्कि एक अजीब सी खामोशी से शुरू होती थी। निखिल अपनी बालकनी में खड़ा नीचे की सड़क को देख रहा था। सड़क बिल्कुल साफ थी, न कहीं कचरा, न कहीं ट्र...

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श्री कृष्ण-अर्जुन-दुर्योधन संवाद पर आधारित नारायणी सेना मांगने का प्रसंग By Prithvi Nokwal

नचे श्रीकृष्ण–अर्जुन–दुर्योधन संवाद पर आधारित नारायणी सेना माँगने का प्रसंग**श्रीकृष्ण, अर्जुन और दुर्योधन का संवाद(नारायणी सेना का प्रसंग)**द्वारका की प्रातःकालीन वेला थी। समुद्र...

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महाभारत का प्रसिद्ध पासा क्रीड़ा प्रसंग: दुर्योधन और युधिष्ठिर By Prithvi Nokwal

महाभारत का प्रसिद्ध पासा क्रीड़ा प्रसंग: दुर्योधन और युधिष्ठिरमहाभारत: जब धर्म पासों की चाल में उलझ गयाहस्तिनापुर का राजमहल उस दिन असामान्य रूप से शांत था। आकाश में बादल घिरे थे, म...

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आजाद सवेरा By Jeetendra

 कोहरे की चादर ने पूरी घाटी को ढका हुआ था। दूर कहीं से आती हुई झरनों की आवाज सन्नाटे को और गहरा बना रही थी। एक पुरानी लकड़ी की चौकी, जिसकी दीवारें समय की मार से काली पड़ चुकी थीं,...

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संदीप अवस्थी कई बार लगता है कि धर्म को हम चलाते हैं। पर ऐसा है नहीं दरअसल धर्म मजहब हमें चला रहा होता है। यह तो जगजाहिर  है कि मनुष्य पहले या धर्म पहले?  तो फिर कुछ लोग इ...

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પ્રેમનો બદલાવ By Mrugzal

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સંસ્કાર By Vinaysagar

નમસ્કાર મિત્રો આજનો ટોપિક છે ""સંસ્કાર"" મિત્રો જીવનમાં જાણતા અજાણતા તમે કેટલીયે ભૂલો કરી હશે.. પણ એ ભૂલો તમે તમારા સંતાનો ને જણાવશો નહીં... કેમકે સંતાનો એ અખતરો કરવા જશે તો મુશ્કે...

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The Voodoo Halfworlds (series). The Beginnings - Chapter 4 By Miguel A Reyes Mariano

The Voodoo Halfworlds (series). Netherworlds Remembers – Ch.4Clark (2014), Dayan (1995), Fernández Olmos & Paravisini-Gebert (2017), Hebblethwaite (2015), and Nwokocha (2023) argue...

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अधुरी चिट्ठी By kajal jha

अधूरी चिट्ठीगांव के किनारे बसे एक छोटे से घर में राधा मैया रहती थीं। उम्र हो चली थी उनकी – साठ के पार। चेहरे पर झुर्रियां थीं, लेकिन आंखों में आज भी वही चमक जो बचपन में बेटे को गोद...

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सपनों का कैनवस: एक जादुई हकीकत By khushboo

लेखिका: [खुशबू️......दुनिया की भीड़ में श्री खुद को हमेशा अकेला पाती थी। उसके विचार, उसकी पसंद और जीने का तरीका सबसे अलग था, शायद इसीलिए लोगों से उसकी पटरी कभी नहीं बैठी। रिश्तों के...

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युद्ध से पहले श्रीकृष्ण, माता कुंती और कर्ण के बीच हुए संवाद पर आधारित ! By Prithvi Nokwal

यह महाभारत की कथाओं पर आधारित रचनात्मक संवाद है, जिसमें मूल भाव सुरक्षित रखे गए हैं।युद्ध से पहले श्रीकृष्ण, माता कुंती और कर्ण का संवादकुरुक्षेत्र के युद्ध की विभीषिका से ठीक पहले...

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वक्त की रेत,ढेर सारी मासूमियत By Abantika

"वक्त रेत की तरह हाथों से फिसल जाता है, पर पीछे छोड़ जाता है कुछ सुनहरी यादें। यहाँ मैं साझा करूँगी अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी के वो छोटे-छोटे और मासूम किस्से, जो कभी 'मक्खी जी&#...

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నా కోసం రెండు అడుగులు By M C V SUBBA RAO

నా కోసం రెండు అడుగులు ఒరేయ్ ప్రసాదు… అమలాపురానికి బస్సు రిజర్వేషన్ చేయించు. ఇప్పటినుంచి చేయించుకోపోతే టికెట్లు దొరకవు. ఆఖరి సమయంలో వేలకు వేలు పోసి కొనుక్కోవాలి… అన్నాడు రామారావు ఉద...

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पिंजरे के बाहर का आकाश By Jeetendra

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रामायण युद्ध के पश्चात श्री रामजी और हनुमानजी का संवाद By Prithvi Nokwal

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बारिश की वो शाम प्यार कि एक भीगी सुरुआत By kajal jha

बारिश की वो शामदिल्ली की गर्मियों में बारिश का मौसम आते ही शहर एक अलग ही रंग में रंग जाता है। सड़कें चमकने लगती हैं, हवा में मिट्टी की सोंधी खुशबू फैल जाती है, और लोग छाते थामे भाग...

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प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 By Abantika

Part 2"दिल्ली के सरोजिनी नगर मार्केट में बच्चों के कपड़ों की एक दुकान पर अपने सात साल के बेटे, सोनू के लिए ड्रेस चुनते-चुनते अचानक नागेंद्र के हाथ रुक गए।​उसने चोरी-छिपे और फिर थोड...

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My Paranormal Incidents - 6 By Payal

Chapter 6. The creepy girl Now, this is when I transferred out of city somewhere else far from my birth place. Tho, I don't find people here too pleasant to talk to I've ad...

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दो कहानी By Rajeev kumar

अस्तित्व मनोहर के मन-मस्तिष्क पर अस्तित्व शब्द ने खलबली मचा दी थी। उसने सुन रखा था कि आपका अस्तित्व ही आपका जीवन है। उसने कई लोगों से इस विषय पर चर्चा की लेकिन उस प्रश्न की जकड़न को...

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एकतरफा प्यार By Rajeev kumar

एकतरफा प्यार बरसात के बाद गुनगुनी धुप निकल चुकी थी। मौसम खुशनूमा हो गया था। हवा भी चल रही थी और नमी भी बरकरार थी। बरगद के पेड़ के पत्तों से अभी भी जल की बुदें तपक रही थी, जो पेड़ के...

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बारिश की पहली बुंदे By kajal jha

बारिश की पहली बूंदेंदिल्ली की गर्मियां हर साल की तरह इस बार भी बेहद बेरहम थीं। सूरज जैसे आसमान से आग बरसा रहा था। दोपहर के वक्त सड़कों पर निकलना किसी सज़ा से कम नहीं था। हवा में तप...

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उम्मीद की एक नई किरण By Jeetendra

शहर की भीड़भाड़ से दूर, एक पुराने जर्जर मकान की बालकनी में बैठे अविनाश के चेहरे पर गहरी चिंता की लकीरें खिंची हुई थीं। उसके हाथ में एक लिफाफा था, जिसे वह बार-बार खोलता और फिर बंद क...

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मिड-डे मील By Rinki Singh

प्राथमिक विद्यालय का प्रांगण कोलाहल से भरा हुआ था। आज स्कूल का अंतिम दिन था, कल से गर्मी की छुट्टियाँ शुरू होने वाली थीं। बच्चे आज कुछ ज़्यादा ही उत्साहित थे। कोई मैदान में दौड़ रह...

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बेटा By Rajeev kumar

बेटा बड़ी थकान महसुस हो रही थी। रास्ते में कई बार कई पेड़ के नीचे बैठ कर सुस्ता चुका मोहना का ऐसा हाल था। एक तो शरिरिक कमजोरी, उस पर तबियत खराब और जाना इतना जरूरी था कि बिना गए काम न...

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इश्क. - 17 By om prakash Jain

सिम्मी को रजनी मेहता अमेरिका वाली लड़की सहज संयोग से  मिल ही जाता है ।शेखर दोपहर को सिम्मी के घर आता है ।आज सिम्मी घर में  है ,रविवार के दिन सिम्मी मां के  घरेलु काम में हाथ बटा  र...

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घर जो कभी बेचा नही गया By InkImagination

घर जो कभी बेचा नहीं गयाशहर के सबसे चमकदार इलाके में, जहां हर तरफ़ गगनचुंबी इमारतें आसमान को चीर रही थीं, वो एक पुराना सा घर अकेला खड़ा था।चारों ओर कांच की दीवारें, नीली रोशनी वाली...

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मकर संक्रान्त आणि तिळाचा काटेरी हलवा By Vrishali Gotkhindikar

मकर संक्रांतीला तिळगुळ घ्या गोड बोला असे म्हणून आपण एकमेकांना तिळगुळ देतो .आपापसातील प्रेम जागृत राहावे कधी चुकून मतभेद झाले तरी ते विसरले जावे हा उद्देश त्यात असतो .आजकाल मात्र ही...

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डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा की लघुकथाएँ - 6 By Dr. Pradeep Kumar Sharma

डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा की लघुकथाएँ माँऑफिस से लौटकर जैसे ही वह घर पहुँचा, पत्नी बोलीं, "सुनिए जी, आपके पास किसी स्नेक रेस्क्यू वाले या सपेरे का फोन नंबर हो, तो बुला लीजिए। घर के पी...

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बगावती By Deepak sharma

                     “मैं सिनेमा जा रही हूं,”गली के नुक्कड़ पर उस बुद्धवार जैसे ही मां अपने झोलों के साथ प्रकट हु...

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