એક સાંજના લોંગ ડ્રાઈવમાં નીકળી પડ્યો અમદાવાદ થી નજીક, ગાંધીનગરની બાઉન્ડ્રી ગણાતું પણ ગાંધીનગર શહેરથી દસેક કિલોમીટર અંદર તરફ ...
ಇದು ಬೆಂಗಳೂರಿನ ಜೆ.ಪಿ.ನಗರದಲ್ಲಿರುವ ಒಬ್ಬ ತಂತ್ರಜ್ಞಾನಿ ಮತ್ತು ಭವಿಷ್ಯದ ಬಗ್ಗೆ ಅತಿ ಹೆಚ್ಚು ಕುತೂಹಲ ಹೊಂದಿದ್ದ ಅನಿಲ್ ಕಥೆ. ಅನಿಲ್ ಐತಿಹಾಸಿಕ ವಿಜ್ಞಾನ, ಟೈಮ್ ಟ್ರಾವೆಲ್ ...
ಸೂರ್ಯ ರಶ್ಮಿಗಳು ಮರಗಳ ಎಲೆಗಳ ನಡುವೆ ನುಸುಳಿ, ಮೈಸೂರಿನಿಂದ ಸುಮಾರು 30 ಕಿಲೋಮೀಟರ್ ದೂರದಲ್ಲಿರುವ ಪುಟ್ಟ ಹಳ್ಳಿಯೊಂದರ ಹಳೆಯ ಮನೆಯಂಗಳವನ್ನು ತಲುಪುತ್ತಿದ್ದವು. ಇದು ಸೂರ್ಯ ಎಂಬ ...
जाड़े के दिन थे और संध्या काल का समय था।गंगा मैया बहुत शांत थी।कभी कभी कुछ लहरें घाट किनारे ...
चारों तरफ डरावनी ख़ामोशी फैली हुई थी…मानो पूरी दुनिया अचानक साँस रोककर सो गई हो।लेकिन इस सोई हुई दुनिया ...
एक लड़का था, जो हमेशा अपनी अपनी कल्पनाओं मैं खोया रहता था। बो सोचता है कि काश ऐसी दुनियां ...
આજે હુ એક છોકરીને મળ્યો. અમે બંને એક બીજાની બાજુમાં જોડે જોડે જ બેઠા હતા. પોતાની મોટી બહેન અને ...
स्वर्गाची सहल ...दचकलात ना वाचून ..हा कसला अविस्मरणीय प्रवास ..??होय मित्रानो हा प्रवास आहे ज्याला पृथ्वीवरील स्वर्ग म्हणतात अशा ...
अंतरा भाग 2लौटता सवेरा(लेखक – राज फुलवरे)अध्याय एक – खत जो लौट आयामुंबई की हवा में आज कुछ अलग ...
લેપાક્ષી મંદિરઆ જગ્યા આમ તો આંધ્રપ્રદેશમાં સત્યસાઈ જિલ્લામાં આવેલી છે પણ બેંગલોરથી માત્ર દોઢ કલાકના અંતરે છે. હું કાર ...
क्रॉस कनेक्शन लेखक – राज फुलवरेयह वह दौर था जब फोन और खत दोनों ही लोगों की ज़िंदगी का ...
ધારાવાહિક:- ચાલો ફરવા જઈએ.સ્થળ:- મેજીક માઉન્ટેઈન, લોનાવલા, પૂણે.લેખિકા:- શ્રીમતી સ્નેહલ રાજન જાની. તારીખ:- 5 ઑકટૉબર 2025.વાર:- રવિવાર.આ દિવસ એટલે ...
कांचा — भाग 2लेखक — राज फुलवरेअध्याय 1 — सच्चे दिल की शुरुआतनेपाल की वादियाँ हमेशा की तरह शांत ...
“अंतरा”भाग १विल्सन अब अपने रेगुलर जॉब से ऊब चुका था।तीन घंटे काम, घर लौटना, खाना और फिर सो जाना ...
संस्कृति का पथिकभाग-5उज्जैन में बिताई रात की शांति और महाकालेश्वर के दर्शन का अनुभव अभी भी मेरे मन में ...
संस्कृति का पथिकपार्ट-4भोपाल में एक शांत रात बिताने के बाद, सुबह की पहली किरणों के साथ मैंने अपनी यात्रा ...
संस्कृति का पथिकपार्ट -3भीमबेटका और सांची की आध्यात्मिक यात्रा के बाद, जब मैं वापस भोपाल की ओर लौट रहा ...
पार्ट-2संस्कृति का पथिकभोजपुर से निकलते समय सूरज अपनी सुनहरी किरणों से आसमान को ऐसे रंग रहा था मानो शिव ...
"संस्कृति का पथिक"प्रस्तावनाहर यात्रा केवल दूरी तय करने का नाम नहीं होती। कभी-कभी वह यात्रा मन, आत्मा और अनुभवों ...
️ सत्रह बरस की तन्हा कहानीसत्रह बरस की उम्र, एक अजीब सी दहलीज़ होती है—जहाँ इंसान न तो ...
शाम का समय था। खिड़की के बाहर हल्की-हल्की ठंडी हवा चल रही थी। मैं ऑफिस से थककर लौटा ही ...
If My Life Were a Novel follows Diya, trapped in a monotonous life of work and loneliness, until an ...
दिन–1 (सुबह 6:00 बजे)आज घर से ड्यूटी के लिए निकलते वक्त मन भारी था। पहले ही सूचना मिल गई ...
आह... कुछ नहीं बदला , कुछ भी नहीं । सबकुछ वैसा ही है बल्कि और भी गाढ़ापन आ गया ...
रीमझिम बारिश में अभिमन्यु की धरमपुर की यात्रा:एक ठंडी सुबह थी, जब आसमान काले बादलों से ढका हुआ था। ...
મુંબઈ 2025મોહમયી, સ્વપ્નનગરી વગેરે ઘણું કહેવાતી આ નગરનાં જોવાલાયક સ્થળો તો અનેક છે.અમને બાળપણમાં ભણવામાં આવતું કે મુંબઈમાં જોવા ...
(बचपन की तन्हाई)मैं आज आप सब के सामने अपनी कहानी प्रस्तुत करने जा रही हूं जो भी गलती हो ...
काजल ठाकुर को हमेशा से पहाड़ों से एक अलग सा लगाव था। हरियाली से ढके पहाड़, ठंडी हवाएं और ...
ધારાવાહિક:- ચાલો ફરવા જઈએ.સ્થળ:- ભાનગઢ કિલ્લોલેખિકા:- શ્રીમતી સ્નેહલ રાજન જાનીભારત એક એવો દેશ છે જેનો ગૌરવશાળી ઇતિહાસ રહેલો છે. ...
This is the story of a boy named Shree. He was 21 years old.A year earlier, Shree had been ...