पैदा होने से पहले नाम रखा गया था मेरा पापा ने सोचा था शायद बेटा होगा मेरा नाम रखा था मेरा महेंद्र जब बने थे राशन कार्ड लेकिन पैदा हुई मैं बेटी मां बेचारी अब क्या कहती जब स्कूल गई थी पहली बार नाम पूछा मास्टर जी ने मुझसे क्ई बार किंतु नाम बताने से मैं हिचकी थीं हर बार आखिरकार बता ही दिया नाम मेरा है महेंद्र मास्टर जी ने महेंद्र से बना दिया महेंद्र कौर लेकिन इस नाम से हो गई थी मैं बोर हर कोई पूछता है तुम्हारे हमसफ़र यादव फिर तुम हो गई कैसे कौर??