सफ़र-ए-दिल - जब नफ़रत जुनून में बदल जाए.. - 6

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EPISODE 6हवेली का विद्रोह और राजसी फ़रमान ​अभिमान का जुनून उसके अपने ही परिवार में विरोध पैदा करता है। उसकी हुक़ूमत ही उसकी एकमात्र ढाल है, पर वह ढाल भीतर से दरक रही है।​[शुरुआत: राठौड़ हवेली, मीटिंग हॉल। पिछली रात - 11:30 बजे]​राठौड़ हवेली का 'विजय स्तंभ' (मीटिंग हॉल) हमेशा की तरह ठंडा और विशाल था। हॉल की संगमरमर की फ़र्श पर प्राचीन राजपूत राजाओं के पोर्ट्रेट की परछाइयाँ तैर रही थीं, जो एक सदी के इतिहास का बोझ महसूस करा रही थीं। इस समय, हॉल में बिजली के तीव्र प्रकाश में भी एक गहरी, असहज उदासी छाई हुई थी।​अभिमान राठौड़