दयाल मन ही मन सौचता है---" क्यो ना इसको मालिक के लिए उठा लू । उस लड़की को दैखकर दयाल के मन मे भी उसके साथ संभोग करने का मन हो गया था , दयाल सौचने लगता है के क्या करे । दयाल उस लड़की को उपर निचे तक दैखता है , जिससे माधुरी इसकी नियत को भांप लेती है ।दयाल :- चल बैठ गाड़ी मे तुझे छोड़ देता हूँ । माधुरी :- नही मैं चली जाउगीं ।दयाल :- अरे इतनी खुबसूरत, जवान लड़की को अकेली नही जाना चाहिए । अगर तेरे साथ किसीने कुछ कर लिया तो , तु इतनी खुबसूरत है