Best Spiritual Stories stories in hindi read and download free PDF

कन्‍हर पद माल - शास्त्रीय रागों पर आधारित पद - 7
by ramgopal bhavuk
  • 195

 कन्‍हर पद माल- शास्त्रीय रागों पर आधारित पद  7 सन्‍त प्रवर श्री श्री 1008 श्री कन्‍हर दास जी महाराज  कृत       (शास्त्रीय रागों पर आधारित पद.) हस्‍त‍लिखित पाण्‍डुलिपि सन् ...

मैं ईश्वर हूँ - 7
by Satish Thakur
  • 99

बिम्ब ईश्वर और देवता, ईश्वर और उसकी महानता, ईश्वर के गुण, उसके विस्तार आदि को याद करने के बाद उसके स्वरुप और आकार का वर्णन अपने पुत्र के स्वप्न ...

कन्‍हर पद माल - शास्त्रीय रागों पर आधारित पद - 6
by ramgopal bhavuk
  • 219

कन्‍हर पद माल- शास्त्रीय रागों पर आधारित पद 6 सन्‍त प्रवर श्री श्री 1008 श्री कन्‍हर दास जी महाराज  कृत       (शास्त्रीय रागों पर आधारित पद.) हस्‍त‍लिखित पाण्‍डुलिपि सन् ...

मैं ईश्वर हूँ - 6
by Satish Thakur
  • 186

बिम्ब अपने और ईश्वर के बीच की बातों को सोच रहा है एवं साथ- साथ इन सभी बातों को स्वप्न के माध्यम से अपने पुत्र तक पहुंचा भी रहा ...

कन्‍हर पद माल - शास्त्रीय रागों पर आधारित पद - 5
by ramgopal bhavuk
  • 219

कन्‍हर पद माल- शास्त्रीय रागों पर आधारित पद  5 सन्‍त प्रवर श्री श्री 1008 श्री कन्‍हर दास जी महाराज  कृत       (शास्त्रीय रागों पर आधारित पद.) हस्‍त‍लिखित पाण्‍डुलिपि सन् ...

कन्‍हर पद माल - शास्त्रीय रागों पर आधारित पद - 4
by ramgopal bhavuk
  • 270

 कन्‍हर पद माल -शास्त्रीय रागों पर आधारित पद 4 सन्‍त प्रवर श्री श्री 1008 श्री कन्‍हर दास जी महाराज  कृत       (शास्त्रीय रागों पर आधारित पद.) हस्‍त‍लिखित पाण्‍डुलिपि सन् ...

मैं ईश्वर हूँ - 5
by Satish Thakur
  • 330

बिम्ब ईश्वर के साथ अपने अधूरे वार्तालाप को याद कर के सोचता है.......... प्रश्न: आप ईश्वर के अस्तित्व को कैसे सिद्ध करते हैं ? उत्तर: प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष प्रमाणों ...

बुद्ध का दर्शन
by Anand M Mishra
  • 510

बुद्ध का दर्शन यह संसार कुछ महापुरुषों के बताए रास्ते पर चलता है। उन महापुरुषों ने अपने जीवन से समस्त मानव जाति को एक नई राह दिखाई। उन्हीं में ...

कहानी एक समर्पण की मां
by Mritunjay Poddar
  • 678

रविवार का दिन था और सुबह के 7:00 बज रहे थे. डॉक्टर रितिका चौहान फोन पर किसी महिला से बात कर रही थी, जो अपनी बेटी की समस्या के ...

कन्‍हर पद माल - शास्त्रीय रागों पर आधारित पद - 3
by ramgopal bhavuk
  • 474

कन्‍हर पद माल -शास्त्रीय रागों पर आधारित पद 3 सन्‍त प्रवर श्री श्री 1008 श्री कन्‍हर दास जी महाराज  कृत       (शास्त्रीय रागों पर आधारित पद.) हस्‍त‍लिखित पाण्‍डुलिपि सन् ...

मैं ईश्वर हूँ - 4
by Satish Thakur
  • 348

बिम्ब रात्रि में उसी जगह पर स्थिर है जहाँ उसे अपने आत्मीय जन रोते और परेशान होते हुए दिखे थे। बिम्ब रात्रि काल में ईश्वर के साथ हुए वार्तालाप ...

कन्‍हर पद माल - शास्त्रीय रागों पर आधारित पद - 2
by ramgopal bhavuk
  • 450

 कन्‍हर पद माल -शास्त्रीय रागों पर आधारित पद 2 सन्‍त प्रवर श्री श्री 1008 श्री कन्‍हर दास जी महाराज  कृत  हस्‍त‍लिखित पाण्‍डुलिपि सन् 1852 ई. सर्वाधिकार सुरक्षित-- 1 परमहंस ...

कन्‍हर पद माल - शास्त्रीय रागों पर आधारित पद - 1
by ramgopal bhavuk
  • 819

  कन्‍हर पद माल सन्‍त प्रवर श्री श्री 1008 श्री कन्‍हर दास जी महाराज  कृत       (शास्त्रीय रागों पर आधारित पद.) हस्‍त‍लिखित पाण्‍डुलिपि सन् 1852 ई. सर्वाधिकार सुरक्षित-- 1 परमहंस ...

सूपनखा
by कैप्टन धरणीधर
  • 870

?सूपनखा का नौका विहार यौवन मद से चूर चूर सम वय सखियों के संग सूपनखा का नोका विहार उन्मत्त सूपनखा की भयावही आवाजें समुद्र की लहरों की गर्जन समुद्री लुटेरों का झुंड अपनी ...

पांच विवाहित कन्याएं
by Anand M Mishra
  • 1.1k

घर के बड़े-बूढ़े सुबह उठते ही पांच कन्याओं के नाम लेते हैं। ये पांचों कन्याएं अहिल्या, तारा, मंदोदरी, कुंती और द्रौपदी हैं। ये सब विवाहित हैं, लेकिन फिर भी ...

मैं ईश्वर हूँ - 3
by Satish Thakur
  • 846

बिम्ब काल.....शून्य अब विकास की दूसरी अवस्था जिसे बिम्ब कहा जाता है उसमें प्रेवेश कर गया है, शून्य अपनी इस नई एवं विकासशील अवस्था में आकर भी पहले के ...

इतना आसान भी नहीं होता है एक लड़का होना
by Shivani M.R.Joshi
  • 1.2k

 अगर हम बात करें आजकल के जमाने की  तो हर क्षेत्र में लड़कियां आगे हैं और हर कोई लड़कियों को ही समझदार होशियार और चालाक समझ रहा है सभी ...

मैं ईश्वर हूँ - 2
by Satish Thakur
  • 1.4k

एक आवाज ,एक शब्द मुझे सुनाई दिया। आश्चर्य है इस शांत अंधकार में ये शब्द कैसा, ये आवाज क्या है। अब वो आवाज लगातार आने लगी, कुछ रुक-रुक कर ...

उजाले की ओर - 36
by Pranava Bharti
  • 999

उजाले की ओर  -------------- स्नेही मित्रों प्रणव भारती का नमस्कार          मनुष्य-जीवन विधाता के द्वारा विशेष प्रयोजन से बनाया गया है जिसमें न जाने कितनी–कितनी संवेदनाएँ भरी हैं ...

मैं ईश्वर हूँ - 1
by Satish Thakur
  • 1.7k

 • 1. (ईश्वर का सम्बोधन) मैं ईश्वर हूँ, में कभी कुछ नही कहता किसी से नहीं कहता बस सुनता हूँ क्योंकि मैं ईश्वर हूँ। मेरा कोई धर्म नहीं न ...

अधर्म  का  व्यापार
by Alok Mishra
  • 1k

                                     अधर्म  का  व्यापार                    धर्म  के नाम  पर   जहाँ  देखिए पाखंड  ...

अचानक
by S Sinha
  • 1.5k

                                                               ...

उजाले की ओर - 31
by Pranava Bharti
  • 885

उजाले की ओर   --------------- स्नेही मित्रो  प्रणव भारती का नमस्कार        मुझे याद आ रहा है अपना बचपन जब मैं उत्तर-प्रदेश के एक शहर में रहती थी | जैसे ...

स्वर्ग का टिकट
by राज कुमार कांदु
  • (17)
  • 1.9k

शेठ धनीराम तीर्थयात्रा पर निकले ।कुछ आवश्यक सामान व एक हजार अशर्फियाँ थैले में डाल कर साथ ले गए थे । रात्रि विश्राम के लिए एक धर्मशाला में रुके ...

शताब्दी छात्रावास की यारी - 2
by Neha Verma
  • 1.1k

शताब्दी छात्रावास से पहले मैं बनारस के एक युथ गर्ल्स हॉस्टल में रहती थीं वहां मुझे बिल्कुल भी अच्छा नही लगता था पर यहां आकर मुझे पता चला कि ...

राम- इतिहास के झरोखे से
by Alok Mishra
  • 2.2k

         मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम हमारी आस्था और विश्वास के प्रतीक हैं । वे नर के रुप में नारायण है जो इस धरती पर पापों ...

मुंह खुला का खुला रह गया
by r k lal
  • (33)
  • 2.4k

मुंह खुला का खुला रह गयाआर 0 के0 लालदीप बहुत ही संस्कारी लड़का था। उसके पापा अदावल उसकी तारीफ करते नहीं थकते थे। मन ही मन गुनगुनाते रहते, “मेरा ...

परमहंस मस्तराम गैारीशंकर बाबा - 5 - अंतिम भाग
by रामगोपाल तिवारी (भावुक)
  • 1.8k

परमहंस मस्तराम गैारीशंकर बाबा5 आस्था के चरण से मथुरा प्रसाद शर्मा जी का यह वृतान्त पढ़कर हरवार मुझे लगता है-मैं अपने इस शरीर से पृथक हूँ। इसमें मैं उसी ...

परमहंस मस्तराम गैारीशंकर बाबा - 4
by रामगोपाल तिवारी (भावुक)
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परमहंस मस्तराम गैारीशंकर बाबा 4 शून्य जी द्वारा लिखित बाबा के इस चरित्र को पढकर द्रश्य जगत एवं अदृश्य जगत के बारे में बात मेरे मन में आने लगी। ...

परमहंस मस्तराम गैारीशंकर बाबा - 3
by रामगोपाल तिवारी (भावुक)
  • 1.3k

परमहंस मस्तराम गैारीशंकर बाबा 3 बाबा कृषिकार्य में संलग्न रहे हों अथवा सेना में सेवा कररहे हों,अपने कर्तव्य के प्रति सदैव सजग रहे तथा दृढतापूर्वक उसको निवाहते रहे। अपने ...