लाल इश्क - 6

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स्थान: 'द गॉथिक फोर्ट' - राणा मेंशनसमय: सुबह ५:३० बजेआरंभी की नींद सूरज की कोमल किरणों से नहीं, बल्कि एक भयानक 'नाइटमेयर' की वजह से खुली। वह पसीने से तर-बतर, हाँफते हुए बिस्तर पर उठ बैठी। तभी हवा के झोंके के साथ एक रोंगटे खड़े कर देने वाली आवाज़ कमरे में दाखिल हुई।"आह्ह्ह... सर... प्लीज... मर जाऊंगा... खुदा के लिए छोड़ दीजिए!""य... ये कैसी आवाज है?" वह बुदबुदाई। उसका दिमाग तेज़ी से दौड़ने लगा। 'आरंभी, शांत हो जा। शायद तू कोई सपना देख रही है। इस साइको किलर के डार्क एम्पायर में उसके, उन बेजान गार्ड्स और उसकी उस इमोशनलेस