VULTURE: समय से परेसीन 1 – शांत आकाश, बेचैन मनरात का समय।अर्जुन एक ऊँची इमारत के किनारे खड़ा है। नीचे शहर की रोशनी जगमगा रही है।उसकी आँखों में अब मासूमियत नहीं… अनुभव है।उसे सब याद है—अपनी मौत, अनाया का धोखा, बदली हुई टाइमलाइन।अर्जुन (धीमे स्वर में):"कितनी अजीब बात है… इंसान एक ही जीवन जीता है… और मैंने दो जी लिए।"वह उड़ान भरता है।हवा उसके पंखों से टकराती है।लेकिन आज उड़ान में हल्कापन नहीं… भार है।सीन 2 – एक नया खतराशहर के बीच अचानक गुरुत्वाकर्षण बिगड़ने लगता है।कारें हवा में उठने लगती हैं।लोग चीखने लगते हैं।अर्जुन तुरंत नीचे आता है।अर्जुन:"ये टाइम