Best Magazine stories in hindi read and download free PDF

स्वशिक्षा
by Arjuna Bunty
  • 311

प्रिय पाठकों,आज मै आप सबके सामने स्वशिक्षा की मदद से हिंदी साहित्य में, उपयोगी जानकारी  को आप लोगों के साथ साझा कर रहा हूं।ये आज का अंक आपको कैसा लगा इससे ...

मेरी माँ
by अनुभूति अनिता पाठक
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तीज आने वाली है। हर सुहागन का एक ख़ास और ख़ुबसूरत त्यौहार। पहली बार तीज या युँ कहुँ तो पूरा सावन - भादो बहुत कुछ याद दिला गया .....रूला ...

रिमोट न्यूरल मोनिटेरिंग: इंसान को वश में करने की एक भयावह तकनीक
by Yashraj Bais
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परिचय: क्या कभी आपने सोचा है, की किंचित ऐसी कितनी बातें होगी तो केवल और केवल आप जानते है। मनुष्य के दिमाग़ में ऐसे सहस्त्रों रहस्य होते हैं, जिन्हें  वह अपने अंतः ...

कोई तो नहीं देख रहा
by Neelam Kulshreshtha
  • 1.2k

५ जून ,'विश्व पर्यावरण दिवस 'पर विशेष लघुकथा कोई तो नहीं देख रहा [ नीलम कुलश्रेष्ठ ] सेमीनार बहुत अच्छी रही, यूनिवर्सिटी के सीनेट भवन से लौटते हुये वे ...

जीवन में दस्तक देता सिनेमा
by VIRENDER VEER MEHTA
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जीवन में दस्तक देता सिनेमा                ये कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि सिनेमा मानव जीवन का, अपने प्रारंभिक (उद्भव) काल से ही एक ...

आज जैसे ही उपयोगी थे पुराने नियम
by Omprakash Kshatriya
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आज जैसे ही उपयोगी थे पुराने नियम कोरोना महामारी से दुनिया सिमटी बैठी है. इस महामारी ने दुनिया को नए सिरे से सोचने में मजबूर कर दिया है. अमेरिका, ...

कोरोना
by Monty Khandelwal
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Corona एक तरफ जहाँ पूरा पूरा विश्व corona vairus से जुझ रहा है जिस वायरस की शुरुआत चीन के वुहान शहर से हुई। जहां पूरा बाजार एक मांसाहारी व्यंजन के कारण ...

तस्वीर
by Satender_tiwari_brokenwordS
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  • 2.3k

ये कहानी एक काल्पनिक रचना हैं और इसके सभी पात्र काल्पनिक हैं। ___________________________________________तस्वीर एक ऐसी कहानी है , जहां एक दोस्त अपनी दोस्ती की दास्ताँ लिखता , दोस्ती होने के ...

पढ़ने का धैर्य
by kaushlendra prapanna
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  कौशलेंद्र प्रपन्न शायद दुनिया में यदि कोई कठिन और श्रमसाध्य कार्य है तो वह पढ़ना ही है। कोई भी पढ़ना नहीं चाहता। हर कोई पढ़ाना चाहता है। हर ...

प्रेम - मैंने देखा है
by Shivani Mishra
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पता है जब आप प्रेम में होते हो तो बहुत कुछ करते हो एक दूसरे के लिए पर कुछ वक्त बाद जब प्रेम थोड़ा सा पुराना हो जाये तो ...

कब तक ?
by Ritu Dubey
  • 954

कुछ सवाल ऐसे है जिनके उत्तर हम सब जानते है फिर भी अनजान बने रहते है ...

प्यारी दोस्त - 1
by Unknown
  • 931

मेरी दोस्त मुझसे नाराज़ थी , हा मेरी दोस्त कंजूस(दोस्त को कंजूस की उपमा) मुझसे नाराज़ थी। उसकी बात करू तो अब तक की मेरी सबसे अच्चीदोस्त ।       ...

थकावट, अकेलापन और तनाव से निपटने के लिए एक सरल विधि।
by Rakesh Sharma
  • 901

“मुझे पता चला कि जब मैंने अपने विचारों पर विश्वास किया था, तो मुझे पीड़ा हुई, लेकिन जब मैंने उन पर विश्वास नहीं किया, तो मुझे पीड़ा नहीं हुई, ...

लक्ष्य
by Rudra
  • 768

Book Title - ? Book Author - रूद्र नमस्ते, मेरा नाम रूद्र है । धन्यवाद !! आप सभी का मुझे इतना प्यार देने के लिए, IMRrudra की सोच को ...

उजड़ता आशियाना - अनकही दास्तान - 5
by Mr Un Logical
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वह एक थकी हुई सी शाम थी,हर तरफ खामोशी फैली हुई थी।लग रहा था जैसे कोई तूफान गुजरा था।जिसके द्वारा किये गये बर्बादी पर मातम मनाया जा रहा हो।कई ...

मंजिल और रास्ते
by Rudra
  • 1.1k

Book Title – एक ख़ूबसूरत सफर By IMRudra Author – Rudra Book Description - मंजिल की ख़ुशी से ज्यादा अधिक ख़ूबसूरत वो सफर होता है जिस पर चलकर आप ...

“इश्क़ होना जरुरी है”
by Rudra
  • 720

  Title - “इश्क़ होना जरुरी है”   Author – Rudra Presented by – IMRudra – The Life Coach Content Writer – Rudra            About The Author ...

उजड़ता आशियाना - जीवन पथ - 4
by Mr Un Logical
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किसी ने क्या खूब कहा है।जन्म हुआ तो मैं रोया और लोग हँसे, मौत आयी तो सब रोये मैं चैन से सोता रहा।ऊँची नीची जीवन पथ पर चलते चलते, ...

फेक न्यूज़ के खतरें हज़ार
by Yashwant Kothari
  • 838

फेक न्यूज़ याने झूठीं ख़बरों के  बड़े  खतरे                             यशवंत कोठारी फेक न्यूज़ के खतरे सर पर चढ़ कर बोलने लगे हैं. क्या सरकार ,क्या पार्टियाँ और क्या चुनाव ...

उजड़ता आशियाना - पतझड़ - 2
by Mr Un Logical
  • 631

आज बहुत दिनों के बात एक सुहानी शाम को कुछ फुरसत के पल मिले थे।ऐसा लग रहा था जैसे हम कितने दूर निकल गए,और बहुत कुछ पीछे छूट गया ...

तीसरी उम्र के लिए तैयारी
by r k lal
  • (26)
  • 716

तीसरी उम्र के लिए तैयारी तीसरी उम्र लगभग 55और 80 की उम्र के बीच की मानी जाती है जो आम तौर पर सेवानिवृत्ति से थोडा पहले से ही शुरू हो ...

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस विश्व महाशक्ति – किसका नेतृत्व, कौन दावेदार
by Utpal Chakraborty
  • 517

लेखक - उत्पल चक्रबोर्ती हिंदी सह-लेखक - रोहित शर्मा आज सम्पूर्ण विश्व में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.) का डंका जोरों शोरों से बज रहा है, कंप्यूटर साइंस की इस विधा ...

जीवन की खीज से निपटने के लिए एक मंत्र।
by Rakesh Sharma
  • 581

जब में ये लिख रहा हु, मेरी एक बहस हुई है, दिन की सुरुवात में, नींद की कठिनाइय, जीवन में बदलाव, एक कार्यभार जो बहुत अधिक है। जैसा कि ...

उजड़ता आशियाना
by Mr Un Logical
  • 677

अनहोनी की निशानी होती है कि हमें अंदाजा नहीं होता,और जो हो जाता फिर उस से उबरने के कोई रास्ता नहीं होता।लेकिन अक्सर जिसे हम अनहोनी कहते या समझते है ...

विश्व शांति मेरी दृष्टि मैं(motivational)article - विश्व शांति मैरी दृष्टि मैं
by Shaimee oza Lafj
  • 744

"विश्व शांति मेरी दृष्टि मैं,शांती शब्द का सीधा तालुक परमात्मा की और हम को ले जाता है, जब हम परमतत्व से सीधे कनेक्ट होते है तो हम को शांति ...

परीक्षा को न बनाए हौव्वा
by Archana Singh
  • 574

परीक्षा को न बनाएॅं हौव्वा परीक्षा आते देख बच्चे व माता-पिता भी तनावग्रस्त हाने लगते हैं पर आवश्यकता है धैर्य की ताकि विवेक से आने वाले कल के लिए ...

जाने देने का अभ्यास।
by Rakesh Sharma
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ऐसा समय होता हैं जब हमारा दिमाग किसी चीज से कसकर चिपक जाता है, और यह शायद ही कभी मददगार होता है: मैं सही हूं, दूसरा व्यक्ति गलत है।वह ...

शक्ति का एक छिपा हुआ स्रोत।
by Rakesh Sharma
  • 636

लगभग हम में से हर एक हमारी शक्ति को दूर करता है, बिना सोचे समझे। उदाहरण के लिए: कोई व्यक्ति ऐसा कुछ असंगत या उल्लंघन करता है जो आपको ...

जब डर आपको सार्थक काम करने से रोक रहा है
by Rakesh Sharma
  • 594

मैं हाल ही में एक दोस्त के साथ एक चर्चा कर रहा था जो अपने आप को उस उद्देश्यपूर्ण कार्य को करने से रोक रहा है जो वह सोचता ...

बेचारे पुरुषों का दर्द कौन समझे ?
by Mangi
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मैं जैसे ही ऑफिस में लंच के लिए बैठा तो फोन रनकने लगा ! देखा तो, " बॉस का कॉल "। अरे, उसे कॉल क्यो कहु ? आफ़त की पुड़िया ...