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Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Magazine in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultures....Read More


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देशों की सीमित परिधि में सिसकती मानवीय संवेदना By Vivek Ranjan Shrivastava

राष्ट्रीय परिधियों में सिसकती संवेदना— विवेक रंजन श्रीवास्तवमनुष्य का समूचा इतिहास वस्तुतः उसकी निरंतर गति और अदम्य जिज्ञासा का ही इतिहास है। पुरातन काल के उस आदिम मनुष्य की कल्पना...

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Vulture - 9 By Ravi Bhanushali

शीर्षक: वल्चर: अनंत महासंग्राम – युग 2 (अंतिम प्रभात)[दृश्य 1 – टूटे हुए आकाश का मैदान]मीरा की मृत्यु के बाद धरती पर सन्नाटा है। क्षितिज पर फिर से करोड़ों दरारें खुलती हैं। एक करोड...

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धर्मवीर भारती के साहित्य में व्यंग्य By Vivek Ranjan Shrivastava

डॉ धर्मवीर भारती की रचनाओं में व्यंग्य दृष्टिविवेक रंजन श्रीवास्तवधर्मवीर भारती के लेखन में व्यंग्य उनकी संवेदना के भीतर घुली हुई वह कसक है जो करुणा, नैतिक बेचैनी और उनके लेखन में...

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Star Sentinals - 5 By Ravi Bhanushali

STAR SENTINELS 5: समय का न्यायसीन 1 – टाइम एजेंसी का सर्वोच्च कारागारनीले प्रकाश से चमकता शून्य-कारागार।स्टार सेंटिनल्स फिर से कैद हैं। इस बार उनकी शक्तियाँ पूरी तरह निष्क्रिय कर द...

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कथा सम्राट का व्यंग्यबोध By Vivek Ranjan Shrivastava

प्रेमचंद के साहित्य में निहित व्यंग्यविवेक रंजन श्रीवास्तव ए 233 ओल्ड मिनाल रेजीडेंसी जे के रोड भोपाल 462023कथा सम्राट का व्यंग्यबोधमुंशी प्रेमचंद (१८८०-१९३६) हिंदी साहित्य के इतिह...

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The Black Singularity By Prabhjot Singh Nagra

(The Black Singularity)प्रतिपादक: प्रभजोत सिंहविषय: ब्लैक होल, डार्क एनर्जी का रूपांतरण और ब्रह्मांडीय चक्र का नया मॉडल।१. डार्क एनर्जी का उपभोग और गुरुत्वाकर्षण का विस्तारप्रभजोत...

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रवीन्द्र नाथ त्यागी : व्यंग्य स्तंभ By Vivek Ranjan Shrivastava

रवीन्द्रनाथ त्यागी हिंदी व्यंग्य परंपरा के आधार प्रतिनिधि विवेक रंजन श्रीवास्तव रवीन्द्रनाथ त्यागी हिंदी व्यंग्य साहित्य की उस गौरवशाली परंपरा के प्रतिनिधि लेखक हैं, जिन्होंने व्यं...

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डिजिटल गेम्स के भयावह रूप By Vivek Ranjan Shrivastava

डिजिटल डेथ ट्रैप: मासूमों की जान और गेम संचालकों का कुत्सित व्यापारलेखक: विवेक रंजन श्रीवास्तवआज के दौर में स्मार्टफोन केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि एक ऐसा प्रवेश द्वार बन चुका है जिसक...

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Vulture Back Story By Ravi Bhanushali

शीर्षक: वल्चर: पंखों के पीछे का सच[दृश्य 1 – अंधेरे से जन्म]कभी एक साधारण ग्रह था—कायरॉन। वहाँ आसमान हमेशा धूसर रहता था और ज़मीन पर लोग खामोशी में जीते थे। उसी ग्रह की खदानों में ए...

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लोक संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन की चुनौती By Vivek Ranjan Shrivastava

जनजातीय लोक संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन की चुनौती प्रस्तुतकर्ता: विवेक रंजन श्रीवास्तव(राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित प्रबुद्ध विचारक और अन्वेषक) प्रस्तावना जनजातीय संस्कृति मानवता...

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सुभाषचंद्र बोस की पत्नी के बारे में और एक कहानी By Prithvi Nokwal

सुभाष चंद्र बोस की पत्नी के बारे में और एक कहानी: वे भारत क्यों न आ सकींसुभाष चंद्र बोस, जिन्हें हम प्रेम से नेताजी कहते हैं, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सबसे तेजस्वी और साहसी नेत...

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नेहरू फाइल्स - भूल-111 By Rachel Abraham

भूल-111 भारत रत्न : सुपात्रों को नजरअंदाज करना सरदार पटेल को सन् 1991 में और डॉ. आंबेडकर को 1990 में ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया! ऐसा भी इसलिए संभव हो पाया, क्योंकि केंद्र में...

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नदी स्नान भारत बनाम दुनिया By Vivek Ranjan Shrivastava

नदी में स्नान भारत बनाम दुनिया विवेक रंजन श्रीवास्तव भारत में नदियों के खुले घाटों पर स्नान की परंपरा अत्यन्त प्राचीन, व्यापक और गहरी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी हुई है। मकर संक्रांत...

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अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता: संस्कृति से संविधान तक By Vivek Ranjan Shrivastava

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता: संस्कृति से संविधान तक, (मानस का धोबी के कहने से मां सीता के त्याग का प्रसंग)विवेक रंजन श्रीवास्तव न्यूयॉर्क से रामायण के उत्तरकांड में धोबी द्वारा सीता म...

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नंबर वन का 'अमृत' और नरक का ड्रेनेज By Vivek Ranjan Shrivastava

व्यंग्यनंबर वन का 'अमृत' और नरक का ड्रेनेजविवेक रंजन श्रीवास्तव इंदौर में इन दिनों गजब का द्वंद्व चल रहा है। एक तरफ आसमान से टपकती स्वच्छता की 'नंबर वन' की ट्राफिया...

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त्वरित श्रद्धा सुमन ज्ञानरंजन जी को उनकी कहानी पिता को रूपांतर द्वारा By Vivek Ranjan Shrivastava

श्रद्धासुमन : नमन ज्ञानरंजन विवेक रंजन श्रीवास्तव न्यूयॉर्क से ज्ञानरंजन हिंदी कहानी के उस युग के प्रवर्तक स्वर हैं जिन्होंने “आम आदमी” को कथा का केंद्र बनाया। उन्होंने हमारे भीतर...

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पितृ दोष : मेरे दृष्टिकोण से। By yeash shah

पितृ दोष : मेरे दृष्टिकोण से।पारम्परिक ज्योतिष शास्त्र में पितृ दोष के नाम पर विधि विधान का प्रावधान है, सनातन विचारधारा बरसों से पूर्व जन्म और आने वाले जन्मों में विश्वास रखती है,...

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भारत मे शिक्षा By नंदलाल मणि त्रिपाठी

---     *भारत में शिक्षा *  ----                1- *शिक्षा का महत्व* ----शिक्षा और समाज  किसी भी राष्ट्र और उसमे निवास करने वाले समाज की भौतिकता और नैतिकता का निर्धारण उस राष्ट्र क...

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सातवाँ दरवाज़ा, अतरंगी लुटेरे By Amreen Khan

 साल दो हजार पच्चीस, दिल्ली की पुरानी गलियों में, जहाँ इतिहास की दीवारें अभी भी फुसफुसाती हैं, एक नई साजिश पनप रही थी. पुरानी हवेली के अंधेरे कमरों में, जहाँ चाँद की रोशनी भी डर से...

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Veer-Zaara By Amreen Khan

Veer Zara“मैं मर भी जाऊँ तो लोग कहेंगे कि एक हिंदुस्तानी ने पाकिस्तान से इतनी मोहब्बत की कि वह वहीं दफ़न हो गया।”  वीर-ज़ारा — मोहब्बत की सरहदों से परे एक दास्तान“वीर-ज़ारा” सिर्फ...

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मेरा पहला ऑर्डर By Gen z writer

हर चीज़ की एक पहली बार होती है — और कभी-कभी वही “पहली बार” हमें सिखा देती है कि डर बस हमारे मन में होता है।ऐसी ही कहानी है एक हाई स्कूल की लड़की की, जिसने पहली बार अपने लिए कुछ ऑर्...

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इतना तो चलता है - 3 By Komal Mehta

इतना तो चलता है, कितना चलता है भाई, क्यों हम लड़कियों को हर जगह चुप रहने को मजबूर किया जाता है, यह जिव्हा जो हमें मिली हैं क्या उसका इस्माल केवल हमें ना ओर हा के लिए करना है।अपनी आ...

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एक सच यह भी By नंदलाल मणि त्रिपाठी

मुग़ल शासन कि स्थापना बाबर ने कि थी ज़ब उसे अंदाजा हो गया कि भारत शासन व्यवस्था केंद्रिकृत न होने के कारण छोटे छोटे रियासत आपस मे लड़ते रहते है तब वह भारत के ही किसी राजा के आमंत्रण प...

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एक लड़का By Rinku

भाग-1बारिश की बूँदें खिड़की के शीशे पर धीमे-धीमे बज रही थीं। कमरे में बस एक पुराना बल्ब जल रहा था, जिसकी पीली रोशनी दीवारों पर थकान की परछाइयाँ खींच रही थी। उसी रोशनी के नीचे एक लड...

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अर्जुन की तीखी जबानी By ALEKH SATPATHY

पंचगांव नाम का एक सुंदर-सा गांव था, जहां हरियाली, सादगी और अपनापन बसा था। उसी गांव में रहता था अर्जुन — एक लंबा, गोरा, चौड़े कंधों वाला, तीखी नाक और बड़ी-बड़ी आंखों वाला लड़का। उसक...

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जब पहाड़ रो पड़े - 2 By DHIRENDRA SINGH BISHT DHiR

अध्याय 2: अतीत की मुस्कान(जब गांव जिंदा थे)पहाड़ों की असली ख़ूबसूरती वहां की वादियों में नहीं — वहां के लोगों की मुस्कान में बसती थी। वो मुस्कान जो अब बीते हुए कल में कैद हो चुकी ह...

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पर्यावरण संरक्षण By नंदलाल मणि त्रिपाठी

पर्यावरण ऐसा विषय जिसका संबंध प्रकृति प्राणी प्राण परमेश्वर से है!प्रकृति के प्रमुख दो तत्वों में प्रकृति प्राणी है और प्रकृति प्राणी में जो चैतन्य सत्ता है वहीं परमेश्वर का सत्यार...

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फैनफोबिया By Shivangi Pandey

सेलिब्रेशन और सेलिब्रिटी के तमाशे इतने ऊंचे स्तर पर नही होने चाहिए कि मौत मुद्दा नहीं ब्रेकिंग न्यूज बनकर रह जाएमौत होगी भी तो किसकी मिडिल क्लास बेवकूफों की, जिनके लिए आप जानवर बने...

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खोमोश थी मै By vinay mistry

खोमोश थी मै  जब ये एहसास हुआ था पहली बार डर सी गई थी मे जब खुद से भाग रही थी मे।  अनजान थी शायद या नहीं भी पर मेरी रूह मुजसे चिल्ला कर कह रही थी तू कुछ ओर है शायद । इस सामाजिक व्यव...

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ओपरेशन सिंदूर By Pandya Ravi

22 अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी सऊदी अरब के दौरे पर गए थे। मोदी का सऊदी पहुंचने पर स्वागत किया जा रहा था। उसी वक्त पहलगाम से 6 किमी दूर बैसरन घाटी में आतंकियों ने 26 लोगों की धर्म प...

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जंगल जा रहे हैं By Neha

"जंगल जा रहे हैं..." ये शब्द सुनते ही दिल के किसी कोने में हलचल सी मच जाती है। जैसे कोई पुरानी याद, कोई बीता हुआ लम्हा अचानक ज़िंदा हो गया हो। बचपन में जब पहली बार पापा के साथ जंगल...

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मानव मनोविज्ञान पर पत्रिका By Tapasya Singh

मानव मनोविज्ञान पर पत्रिकाशीर्षक: "मनोदर्पण – मानव मन की गहराइयों की खोज"संस्करण: मार्च 2025प्रधान संपादक: [आपका नाम]प्रकाशक: [आपका संगठन] कवर स्टोरी: अवचेतन मन की शक्तिक्या आप जान...

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कल्पतरु - ज्ञान की छाया - 1 By संदीप सिंह (ईशू)

कल्पतरु - ज्ञान की छाया स्तम्भ संग्रह परिचयआत्मकथ्य अनुरोध - आप सभी को बताना चाहूँगा कि यह स्तम्भ संग्रह 12/12/2022 को प्रतिलिपि पर प्रकाशित किया था, अतः अक्षरशः आपके सम्मुख प्रस्त...

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भारत के प्रथम राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ राजेन्द्र प्रसाद जी की माटी की सुगंध - सिवान By नंदलाल मणि त्रिपाठी

ऐतिहासिक धार्मिक सांस्कृतिक धन्यधरोहरों की माटी जनपद-सिवानभरतीय गणराज्य के बिहार प्रान्त सारण प्रमंडल के अंतर्गत एक नगर है जहाँ जनपद का मुख्यालय स्थित है।बिहार के पश्चिमोत्तर एव पू...

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बिहार में बहार By AMZAD ALI

   दिनांक 01 फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री माननीय निर्मला सीतारमण द्वारा “बिहार” का नाम अपने भाषण में 08 बार लेना काफी आश्चर्यचकित करने वाला है। एक तरफ जहां पूरे बिहार के लोगों मे...

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देशों की सीमित परिधि में सिसकती मानवीय संवेदना By Vivek Ranjan Shrivastava

राष्ट्रीय परिधियों में सिसकती संवेदना— विवेक रंजन श्रीवास्तवमनुष्य का समूचा इतिहास वस्तुतः उसकी निरंतर गति और अदम्य जिज्ञासा का ही इतिहास है। पुरातन काल के उस आदिम मनुष्य की कल्पना...

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Vulture - 9 By Ravi Bhanushali

शीर्षक: वल्चर: अनंत महासंग्राम – युग 2 (अंतिम प्रभात)[दृश्य 1 – टूटे हुए आकाश का मैदान]मीरा की मृत्यु के बाद धरती पर सन्नाटा है। क्षितिज पर फिर से करोड़ों दरारें खुलती हैं। एक करोड...

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धर्मवीर भारती के साहित्य में व्यंग्य By Vivek Ranjan Shrivastava

डॉ धर्मवीर भारती की रचनाओं में व्यंग्य दृष्टिविवेक रंजन श्रीवास्तवधर्मवीर भारती के लेखन में व्यंग्य उनकी संवेदना के भीतर घुली हुई वह कसक है जो करुणा, नैतिक बेचैनी और उनके लेखन में...

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Star Sentinals - 5 By Ravi Bhanushali

STAR SENTINELS 5: समय का न्यायसीन 1 – टाइम एजेंसी का सर्वोच्च कारागारनीले प्रकाश से चमकता शून्य-कारागार।स्टार सेंटिनल्स फिर से कैद हैं। इस बार उनकी शक्तियाँ पूरी तरह निष्क्रिय कर द...

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कथा सम्राट का व्यंग्यबोध By Vivek Ranjan Shrivastava

प्रेमचंद के साहित्य में निहित व्यंग्यविवेक रंजन श्रीवास्तव ए 233 ओल्ड मिनाल रेजीडेंसी जे के रोड भोपाल 462023कथा सम्राट का व्यंग्यबोधमुंशी प्रेमचंद (१८८०-१९३६) हिंदी साहित्य के इतिह...

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The Black Singularity By Prabhjot Singh Nagra

(The Black Singularity)प्रतिपादक: प्रभजोत सिंहविषय: ब्लैक होल, डार्क एनर्जी का रूपांतरण और ब्रह्मांडीय चक्र का नया मॉडल।१. डार्क एनर्जी का उपभोग और गुरुत्वाकर्षण का विस्तारप्रभजोत...

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रवीन्द्र नाथ त्यागी : व्यंग्य स्तंभ By Vivek Ranjan Shrivastava

रवीन्द्रनाथ त्यागी हिंदी व्यंग्य परंपरा के आधार प्रतिनिधि विवेक रंजन श्रीवास्तव रवीन्द्रनाथ त्यागी हिंदी व्यंग्य साहित्य की उस गौरवशाली परंपरा के प्रतिनिधि लेखक हैं, जिन्होंने व्यं...

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डिजिटल गेम्स के भयावह रूप By Vivek Ranjan Shrivastava

डिजिटल डेथ ट्रैप: मासूमों की जान और गेम संचालकों का कुत्सित व्यापारलेखक: विवेक रंजन श्रीवास्तवआज के दौर में स्मार्टफोन केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि एक ऐसा प्रवेश द्वार बन चुका है जिसक...

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Vulture Back Story By Ravi Bhanushali

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लोक संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन की चुनौती By Vivek Ranjan Shrivastava

जनजातीय लोक संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन की चुनौती प्रस्तुतकर्ता: विवेक रंजन श्रीवास्तव(राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित प्रबुद्ध विचारक और अन्वेषक) प्रस्तावना जनजातीय संस्कृति मानवता...

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सुभाष चंद्र बोस की पत्नी के बारे में और एक कहानी: वे भारत क्यों न आ सकींसुभाष चंद्र बोस, जिन्हें हम प्रेम से नेताजी कहते हैं, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सबसे तेजस्वी और साहसी नेत...

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भूल-111 भारत रत्न : सुपात्रों को नजरअंदाज करना सरदार पटेल को सन् 1991 में और डॉ. आंबेडकर को 1990 में ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया! ऐसा भी इसलिए संभव हो पाया, क्योंकि केंद्र में...

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नदी स्नान भारत बनाम दुनिया By Vivek Ranjan Shrivastava

नदी में स्नान भारत बनाम दुनिया विवेक रंजन श्रीवास्तव भारत में नदियों के खुले घाटों पर स्नान की परंपरा अत्यन्त प्राचीन, व्यापक और गहरी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी हुई है। मकर संक्रांत...

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अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता: संस्कृति से संविधान तक By Vivek Ranjan Shrivastava

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता: संस्कृति से संविधान तक, (मानस का धोबी के कहने से मां सीता के त्याग का प्रसंग)विवेक रंजन श्रीवास्तव न्यूयॉर्क से रामायण के उत्तरकांड में धोबी द्वारा सीता म...

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नंबर वन का 'अमृत' और नरक का ड्रेनेज By Vivek Ranjan Shrivastava

व्यंग्यनंबर वन का 'अमृत' और नरक का ड्रेनेजविवेक रंजन श्रीवास्तव इंदौर में इन दिनों गजब का द्वंद्व चल रहा है। एक तरफ आसमान से टपकती स्वच्छता की 'नंबर वन' की ट्राफिया...

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त्वरित श्रद्धा सुमन ज्ञानरंजन जी को उनकी कहानी पिता को रूपांतर द्वारा By Vivek Ranjan Shrivastava

श्रद्धासुमन : नमन ज्ञानरंजन विवेक रंजन श्रीवास्तव न्यूयॉर्क से ज्ञानरंजन हिंदी कहानी के उस युग के प्रवर्तक स्वर हैं जिन्होंने “आम आदमी” को कथा का केंद्र बनाया। उन्होंने हमारे भीतर...

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पितृ दोष : मेरे दृष्टिकोण से। By yeash shah

पितृ दोष : मेरे दृष्टिकोण से।पारम्परिक ज्योतिष शास्त्र में पितृ दोष के नाम पर विधि विधान का प्रावधान है, सनातन विचारधारा बरसों से पूर्व जन्म और आने वाले जन्मों में विश्वास रखती है,...

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भारत मे शिक्षा By नंदलाल मणि त्रिपाठी

---     *भारत में शिक्षा *  ----                1- *शिक्षा का महत्व* ----शिक्षा और समाज  किसी भी राष्ट्र और उसमे निवास करने वाले समाज की भौतिकता और नैतिकता का निर्धारण उस राष्ट्र क...

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सातवाँ दरवाज़ा, अतरंगी लुटेरे By Amreen Khan

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Veer-Zaara By Amreen Khan

Veer Zara“मैं मर भी जाऊँ तो लोग कहेंगे कि एक हिंदुस्तानी ने पाकिस्तान से इतनी मोहब्बत की कि वह वहीं दफ़न हो गया।”  वीर-ज़ारा — मोहब्बत की सरहदों से परे एक दास्तान“वीर-ज़ारा” सिर्फ...

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मेरा पहला ऑर्डर By Gen z writer

हर चीज़ की एक पहली बार होती है — और कभी-कभी वही “पहली बार” हमें सिखा देती है कि डर बस हमारे मन में होता है।ऐसी ही कहानी है एक हाई स्कूल की लड़की की, जिसने पहली बार अपने लिए कुछ ऑर्...

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इतना तो चलता है - 3 By Komal Mehta

इतना तो चलता है, कितना चलता है भाई, क्यों हम लड़कियों को हर जगह चुप रहने को मजबूर किया जाता है, यह जिव्हा जो हमें मिली हैं क्या उसका इस्माल केवल हमें ना ओर हा के लिए करना है।अपनी आ...

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एक सच यह भी By नंदलाल मणि त्रिपाठी

मुग़ल शासन कि स्थापना बाबर ने कि थी ज़ब उसे अंदाजा हो गया कि भारत शासन व्यवस्था केंद्रिकृत न होने के कारण छोटे छोटे रियासत आपस मे लड़ते रहते है तब वह भारत के ही किसी राजा के आमंत्रण प...

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एक लड़का By Rinku

भाग-1बारिश की बूँदें खिड़की के शीशे पर धीमे-धीमे बज रही थीं। कमरे में बस एक पुराना बल्ब जल रहा था, जिसकी पीली रोशनी दीवारों पर थकान की परछाइयाँ खींच रही थी। उसी रोशनी के नीचे एक लड...

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अर्जुन की तीखी जबानी By ALEKH SATPATHY

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जब पहाड़ रो पड़े - 2 By DHIRENDRA SINGH BISHT DHiR

अध्याय 2: अतीत की मुस्कान(जब गांव जिंदा थे)पहाड़ों की असली ख़ूबसूरती वहां की वादियों में नहीं — वहां के लोगों की मुस्कान में बसती थी। वो मुस्कान जो अब बीते हुए कल में कैद हो चुकी ह...

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पर्यावरण संरक्षण By नंदलाल मणि त्रिपाठी

पर्यावरण ऐसा विषय जिसका संबंध प्रकृति प्राणी प्राण परमेश्वर से है!प्रकृति के प्रमुख दो तत्वों में प्रकृति प्राणी है और प्रकृति प्राणी में जो चैतन्य सत्ता है वहीं परमेश्वर का सत्यार...

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फैनफोबिया By Shivangi Pandey

सेलिब्रेशन और सेलिब्रिटी के तमाशे इतने ऊंचे स्तर पर नही होने चाहिए कि मौत मुद्दा नहीं ब्रेकिंग न्यूज बनकर रह जाएमौत होगी भी तो किसकी मिडिल क्लास बेवकूफों की, जिनके लिए आप जानवर बने...

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खोमोश थी मै By vinay mistry

खोमोश थी मै  जब ये एहसास हुआ था पहली बार डर सी गई थी मे जब खुद से भाग रही थी मे।  अनजान थी शायद या नहीं भी पर मेरी रूह मुजसे चिल्ला कर कह रही थी तू कुछ ओर है शायद । इस सामाजिक व्यव...

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ओपरेशन सिंदूर By Pandya Ravi

22 अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी सऊदी अरब के दौरे पर गए थे। मोदी का सऊदी पहुंचने पर स्वागत किया जा रहा था। उसी वक्त पहलगाम से 6 किमी दूर बैसरन घाटी में आतंकियों ने 26 लोगों की धर्म प...

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जंगल जा रहे हैं By Neha

"जंगल जा रहे हैं..." ये शब्द सुनते ही दिल के किसी कोने में हलचल सी मच जाती है। जैसे कोई पुरानी याद, कोई बीता हुआ लम्हा अचानक ज़िंदा हो गया हो। बचपन में जब पहली बार पापा के साथ जंगल...

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मानव मनोविज्ञान पर पत्रिका By Tapasya Singh

मानव मनोविज्ञान पर पत्रिकाशीर्षक: "मनोदर्पण – मानव मन की गहराइयों की खोज"संस्करण: मार्च 2025प्रधान संपादक: [आपका नाम]प्रकाशक: [आपका संगठन] कवर स्टोरी: अवचेतन मन की शक्तिक्या आप जान...

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कल्पतरु - ज्ञान की छाया - 1 By संदीप सिंह (ईशू)

कल्पतरु - ज्ञान की छाया स्तम्भ संग्रह परिचयआत्मकथ्य अनुरोध - आप सभी को बताना चाहूँगा कि यह स्तम्भ संग्रह 12/12/2022 को प्रतिलिपि पर प्रकाशित किया था, अतः अक्षरशः आपके सम्मुख प्रस्त...

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भारत के प्रथम राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ राजेन्द्र प्रसाद जी की माटी की सुगंध - सिवान By नंदलाल मणि त्रिपाठी

ऐतिहासिक धार्मिक सांस्कृतिक धन्यधरोहरों की माटी जनपद-सिवानभरतीय गणराज्य के बिहार प्रान्त सारण प्रमंडल के अंतर्गत एक नगर है जहाँ जनपद का मुख्यालय स्थित है।बिहार के पश्चिमोत्तर एव पू...

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बिहार में बहार By AMZAD ALI

   दिनांक 01 फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री माननीय निर्मला सीतारमण द्वारा “बिहार” का नाम अपने भाषण में 08 बार लेना काफी आश्चर्यचकित करने वाला है। एक तरफ जहां पूरे बिहार के लोगों मे...

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