श्रापित एक प्रेम कहानी - 61

(462)
  • 2.2k
  • 1.4k

एकांश वर्षाली के हाथ को पकड़कर जैसे ही कुछ कहने वाला होता है। के एकांश को पता चलता है के वर्षाली के हाथ एकदम ठडीं हो चुकी थी । एकांश ये दैखकर हैरान था। तभी एकांश वर्षाली सको आवाज देने लगता है। एकांश वर्षाली को पुकारता है--> वर्षाली ..! वर्षाली ! एकांश के बार बार बुलाने पर भी वर्षाली का कोई भी प्रतीक्रीया नही आती है जिससे एकांश घबरा जाता है। एकांश वर्षाली के नब्ज को चैक करने लग जाता है। पर एकांश को वर्षाली की नब्ज नही मिलता है। एकांश वर्षाली को हिलाने लगता है। और पुकारने लगता है--> वर्षाली