इस घर में प्यार मना है - 35

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घर का माहौल अब पूरी तरह बदल चुका था। अब इस घर में सिर्फ प्यार ही नहीं…दो-दो नन्ही जानों का इंतज़ार भी बस चुका था। संस्कृति 8 महीने की थी…और पारो की प्रेग्नेंसी अभी शुरुआती महीनों में थी।सुबह का समय…किचन में पारो कुछ बनाने की कोशिश कर रही थी। तभी पीछे से मोहन दौड़ता हुआ आया ।मोहन (घबराकर) बोला - अरे अरे अरे!! तुम क्या कर रही हो??पारो बोली - खाना बना रही हूँ…मोहन ने तुरंत चम्मच उसके हाथ से छीन लिया।मोहन बोला - नहीं! अब तुम सिर्फ आराम करोगी!डॉक्टर ने कहा है ना?पारो (गुस्से में) बोली - डॉक्टर ने ये नहीं कहा कि