घर का लिविंग रूम…संशिका और अंशिका अब थोड़ी बड़ी हो गई थीं…दोनों भाग-दौड़ मचा रही थीं कार्तिक उन्हें पकड़ने की कोशिश कर रहा था —कार्तिक बोला - अरे मेरी परियों… इधर आओ!दोनों एक साथ चिल्लाईं —संशिका & अंशिका बोली - हम पापा की परियाँ हैं!!! तभी मोहन एंट्री मारता है मोहन बोला - और मैं हूँ… चाचा की गैंग का लीडर दोनों बच्चियाँ तुरंत उसकी तरफ भागीं —अंशिका बोली - पापा!!!अब टीम बन गई पापा की परियाँ — (कार्तिक + संस्कृती ) चाचा की गैंग — (मोहन + दोनों बच्चियाँ )पारो सिर पकड़कर बैठ गई पारो बोली - हे भगवान… ये घर है