Episode -5 (खूनी कश्मकश) अस्पताल की सफेद दीवारों के पीछे छिपे राज़ अब धीरे-धीरे दम घोंटने लगे थे। डॉक्टर सिन्हा और नर्स डेजी एक बार फिर रिया के कमरे में दाखिल हुए। कमरे में फैली फिनाइल की तीखी गंध और मशीनों की 'बीप-बीप' के बीच रिया शांति से लेटी थी। आज उसकी हालत पहले से कुछ बेहतर लग रही थी, लेकिन उसकी आँखो में अब भी एक अनसुलझी पहेली तैर रही थी।इलाज शुरू करते हुए डॉक्टर सिन्हा ने माहौल को हल्का करने की कोशिश की। उन्होंने रिया की नब्ज़ टटोलते हुए बहुत ही धीमी आवाज़ में पूछा, "क्या मैं तुमसे एक बात