जंगल - 35

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   ----------------जगल उपन्यास मेरीलेखनी का सब से बेस्ट लेखन है खुद सिफ्त करनी पड़ती है.. लोगों पास टाइम की शार्ट जयादा है। एक गाड़ी जो दूध की डायरी की उस मुकाम तक पुहच चुकी थी। यहां सब गिरफ्तार हो गए थे।                          " वाहा अका " एक जोर से हसना, वीरान खडर मे दुबारा से आवाज का आना आम बात थी। चुप के पीछे भी एक रहस्य था। " कितने हो दूध वेचने वाले... मेरा पुत्र है... या नहीं। " जनाब इधर तो गड़बड़ है। इसमें रहस्यमय कुछ था।