शिव Jatin के लिए चिंतित था।शिव ने अपने शरीर को झुकाते हुए जतिन का हाथ पकड़कर उसकी नब्ज देखी, जिससे उसे पता चला कि जतिन की नब्ज बंद हो चुकी है। शिव ने जब यह पता चला कि जतिन की मृत्यु हो चुकी है उसने शिव को बहुत गहरा सदमा लगा।शिव की सारी आशा मिट्टी में मिल चुकी थी। शिव सदमे से बाहर आते हुए बोला,सब खत्म हो गया।यह कहकर शिव उस दीवार की ओर चल पड़ा। जिस दीवार से वह आया था जैसे ही वह दीवार के करीब पहुंचा तभी उसके कानों में एक आवाज सुनाई पड़ी।इतनी भी जल्दी