Best Adventure Stories stories in hindi read and download free PDF

प्रायश्चित - भाग-13
by Saroj Prajapati
  • 453

शाम को कुमार, किरण के साथ शिवानी के यहां पहुंचा। शिवानी ने उसे बैठने के लिए कहते हुए , उसके सामने सारे गहने रख दिए , कुछ नगदी के ...

घर से निकाल गया प्यार में गिर गया - 2
by Dear Zindagi 2
  • 273

एक घंटे बाद वो आ रही थी अपने दोस्तों के साथ। मे उसे देखता ही रह गया। उसके  चहरे पर इतनी चमक थी की मे कुछ  बोल  भी ना ...

प्रायश्चित - भाग-12
by Saroj Prajapati
  • 759

"दो दो जिंदगियां बर्बाद कर अब इतने भोले मत बनो, दिनेश बाबू!" कुमार उसकी ओर देखता हुआ व्यंग्य से बोला। "आपकी पत्नी भले ही आपको माफ कर दे लेकिन ...

प्रायश्चित - भाग-11
by Saroj Prajapati
  • 825

दिनेश की इसी सादगी पर तो शिवानी मरती थी। पहली बार वह उससे इतने दिन दूर रही थी। यह कुछ दिन ही उसे साल बराबर लग रहे थे। वह ...

इत्तफाक
by किशनलाल शर्मा
  • 771

उस युवती को पहली बार देखरे ही सुनील के दिल मे कुछ हुआ था।वह अपने  दोस्त की शादी में भोपाल गया था।बारात मैरिज होम में पहुंच चुकी थी।वह कुर्सी ...

प्रायश्चित - भाग-10
by Saroj Prajapati
  • 1.1k

शिवानी को गांव में एक महीना हो गया था। इस बीच हर रोज उसकी दिनेश व किरण से बात हो जाती थी। दिनेश के आने के बाद किरण ने ...

रक्षक
by Kayal King
  • 666

किताब एक रास्ता       रेवन जो अनाथले में रहता था, उसके माता पिता बचपन से ही  मर गए थे , उसकी उम्र 19 साल थी  उस को किसी ...

प्रायश्चित - भाग-9
by Saroj Prajapati
  • 1k

किरण व कुमार का जीवन अब पूरी तरह से पटरी पर लौट आया था। शिवानी का बेटा  6 महीने का हो गया था। हां, शिवानी के ससुर की तबीयत ...

शादी बालब्रह्मचारी की
by Dear Zindagi 2
  • 840

शादी बालब्रह्मचारी की...ये कहानी है एक ऐसे लड़के की, जिसने कभी प्यार का एहसास ही नही किया। में सोचता हूँ, क्या बिना प्यार के ये दुनिया चलती है? खैर, ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 44 - अंतिम भाग
by Abhilekh Dwivedi
  • 831

चैप्टर 44 यात्रा की समाप्ति। यह एक कथा का अंतिम निष्कर्ष है, जिसपर शायद वो लोग भी अविश्वास करेंगे जो कभी भी चकित हो जाते हैं। हालाँकि मैं मानव ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 43
by Abhilekh Dwivedi
  • 720

चैप्टर 43 सुबह, आखिरकार! मैंने जब अपनी आँखें खोलीं तो मुझे लगा कि हैन्स ने बेल्ट के माध्यम से मुझे जकड़े हुए है। अपने दूसरे हाथ से उसने मेरे ...

स्वतंत्रता के दीपक
by ramgopal bhavuk
  • 768

कहानी                                          स्वतंत्रता के दीपक                                                    रामगोपाल भावुक              मुझे खूब याद है ,मैं अपने पिताजी घनसुन्दर तिवारी के साथ दीपावली के दिन उस समाधि ...

प्रायश्चित - भाग-8
by Saroj Prajapati
  • 1.6k

जब से शिवानी हॉस्पिटल से आई थी। तब से किरण देख रही थी कि कुमार के स्वभाव में काफी बदलाव आने लगा था। बात-बात पर उस पर चिल्लाने वाला ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 42
by Abhilekh Dwivedi
  • 795

चैप्टर 42 ज्वालामुखीय कुपक। मनुष्य का संविधान इतना अजीब है कि उसका स्वास्थ्य विशुद्ध रूप से एक नकारात्मक मामला है। जितनी जल्दी भूख का प्रकोप शांत होता है, उससे ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 41
by Abhilekh Dwivedi
  • 708

चैप्टर 41 भूख। लंबे समय तक भूख लगना, कुछ समय का पागलपन है! मस्तिष्क जब आवश्यक भोजन के बिना अपने काम पर हो तो सबसे शानदार धारणाओं से मन ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 40
by Abhilekh Dwivedi
  • 567

चैप्टर 40 विशालकाय वानर। अभी मेरे लिए मुश्किल था यह निर्धारित करना कि वास्तविक समय क्या हुआ था, लेकिन गणना के बाद, मैंने मान लिया कि रात के दस ...

प्रायश्चित - भाग-7
by Saroj Prajapati
  • 1.6k

आज शिवानी की हॉस्पिटल से वापसी थी। किरण की मदद से उसकी सास ने उसके स्वागत की पूरी तैयारी कर ली थी। रिया की उत्सुकता तो देखते ही बनती ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 39
by Abhilekh Dwivedi
  • 660

चैप्टर 39 विस्फोट और उसके परिणाम। अगले दिन, जो कि अगस्त का सत्ताईसवां दिन था, हमारी चमत्कारिक भूमिगत यात्रा में मनाई जाने वाली एक तारीख थी। मैं अब भी ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 38
by Abhilekh Dwivedi
  • 687

चैप्टर 38 कोई निकासी नहीं - चट्टानों के विध्वंस। जब से हमारे अद्भुत यात्रा की शुरुआत हुई, मैंने कई आश्चर्य को अनुभव किया, कई भ्रमों से सामना हुआ। मुझे ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 37
by Abhilekh Dwivedi
  • 690

चैप्टर 37 रहस्यमयी खंजर। इस दौरान, हमने अपने पीछे उज्ज्वल और पारदर्शी जंगल छोड़ दिया था। हम विस्मय होने की वजह से मूक थे, एक तरह की उदासीनता जो ...

मन के मत पर मत चलियो रे....
by Shiv Divyansh Pathak
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"मेरे जिस्म को गर्म करती यह रजाई,बईमानी लग रही थी,हार रही हूँ खुद से,मेरा प्यार क्या है मैं उससे कुछ करती भी हूँ की नहीं,बेबस हो गयीं हूँ।जनवरी के ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 36
by Abhilekh Dwivedi
  • 642

चैप्टर 36क्या है यह? एक लंबे और बोझिल समय तक हम हड्डियों के इस विशाल संग्रह में फँस गए थे। इन सब की परवाह किए बग़ैर हम उत्सुक और ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 35
by Abhilekh Dwivedi
  • 693

चैप्टर 35 खोज पर खोज। मेरे मौसाजी के विस्मित होने की वजह को पूरी तरह से समझने के लिए, और इन शानदार और विद्वान पुरुषों के संकेत के लिए, ...

तड़पता दिल (भाग 3) (अंतिम भाग)
by किशनलाल शर्मा
  • 1k

नज़मा जब केवल चार साल की थी।तभी उसके अब्बा रमजान की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी।उसकी माँ सुल्ताना जवान थी।उसके सामने अभी पूरा जीवसं पड़ा था।सुल्ताना के ...

वाचा कट मानव
by बेदराम प्रजापति "मनमस्त"
  • 555

कहानी                         वाचा कट मानव                                        वेदराम प्रजापति मनमस्त सुबह की सैर कर, जब मैं वापिस आ रहा था तो पप्पू सेठ जी के दरवाजे पर भीड़ लगी दिखी। ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 34
by Abhilekh Dwivedi
  • 792

चैप्टर 34एक खोज की यात्रा। मेरे लिए पूरी तरह से असंभव है कि मैं इस असाधारण खोज पर प्रोफ़ेसर की हालत को सही तरीके से बता पाऊं। विस्मय, अविश्वास, ...

प्रायश्चित - भाग-6
by Saroj Prajapati
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शाम को जब दिनेश वापस आया तो वह परेशान था। शिवानी समझ गई थी कि वह मेड ना मिलने के कारण परेशान है। "आप मेड ना मिलने के कारण ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 33
by Abhilekh Dwivedi
  • 789

चैप्टर 33हमारे मार्ग उलट गए। यहाँ मैं अपनी यात्रा से जुड़ी "मेरी पत्रिका" को विराम देता हूँ जिसे मैंने विनाश के बाद भी बचा लिया था। मैं अपनी कथा ...

तड़पता दिल (पार्ट - 2)
by किशनलाल शर्मा
  • 756

वे दोनों साथ खाते पीते।समय गुज़रने के साथ उनके सम्बन्ध प्रगाढ होने लगे।राजन,नज़मा को चाहने लगा।प्यार करने लगा।एक दिन वे पार्क के एकांत कोने मे बैठे बाटे कर रहे ...

पृथ्वी के केंद्र तक का सफर - 32
by Abhilekh Dwivedi
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चैप्टर 32तत्वों की लड़ाई। शुक्रवार, 21 अगस्त। आज सुबह शानदार फव्वारा पूरी तरह से गायब हो गया था। हवा तारोताजा थी और हम तेजी से हेनरी द्वीप के पड़ोसियों ...