विक्रम और टीना, कबीर के इस बदले हुए अंदाज़ को देखकर दंग रह गए। उनकी यादों में कबीर हमेशा दब्बू और शांत रहने वाला लड़का था, जो खासकर विक्रम के सामने आते ही सहम जाता था। आखिर स्कूल में बड़े-बड़े पहलवान भी सिंघानिया खानदान के वारिस से पंगा लेने की हिम्मत नहीं करते थे।लेकिन अब, कबीर बिल्कुल अलग इंसान लग रहा था। उसकी आवाज़ में बेरुखी थी और उसकी आँखों में एक रहस्यमयी शांति।विक्रम ने कबीर की आँखों में अपने लिए तिरस्कार देखा, तो उसका खून खौल उठा। वह उपहास उड़ाते हुए बोला, "छह महीने बाद देख रहा हूँ तुझे,