Devil की दास्तान - 8

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(रात का समय। होटल का अँधेरा कॉरिडोर। सिमरन बिस्तर पर बैठी है, डर और थकान में। करण सिमरन के बंद गेट के पास खड़ा है, लाल आँखों से गेट को देख रहा है।)"सिमरन अब भी मासूम थी।उसे नहीं पता कि सामने खड़ा आदमी... इंसान नहीं है।और उसकी प्यास धीरे-धीरे बढ़ रही थी।हर पल उसे रोकना कठिन हो रहा था।"(सिमरन बिस्तर पर सिर दबाए बैठी है। अचानक कमरे का दरवाजा खिसकता है और करण अंदर आता है। उसकी लाल आँखें चमक रही हैं।)Simran (घबराकर, फुसफुसाते हुए) बोली - "S sir अ... आप यहाँ क्यों हो? मुझे डर लग रहा है..."(करण धीरे-धीरे उसके