Episode - 12 (दीवार और दरिंदगी का पर्दा) रात का सन्नाटा अस्पताल की उन पुरानी दीवारों के पास और भी गहरा हो गया था जहाँ मरम्मत का काम चल रहा था। वहाँ केवल एक ही आवाज़ गूँज रही थी—ईंटों के एक-दूसरे पर रखे जाने की खुरदरी आवाज़। उस नकाबपोश शख्स ने डॉक्टर खुराना की ठंडी पड़ती हुई लाश को एक संकरी जगह में धकेल दिया। उसके चेहरे पर कोई पछतावा नहीं था, बस एक क्रूर मुस्कान थी। उसने फुर्ती से ईंटें उठाईं और एक नई दीवार खड़ी कर दी, ताकि डॉक्टर खुराना की लाश और उसकी अपनी दरिंदगी हमेशा के लिए