God Wishar - 6

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"अरे वाह!" मेयर साहब ने उत्सुकता से कहा, "कबीर, मुझे नहीं पता था कि तुम्हारे अंदर इतने सारे हुनर छिपे हैं। लगता है आज हमारी किस्मत अच्छी है।"यहाँ तक कि शिवानी ने भी आँखों में थोड़ी उत्सुकता लिए उसकी ओर देखा।कबीर ने हल्की सी भौहें सिकोड़ीं। उसे खाना बनाना नहीं आता था। साफ़ था कि सुमन बुआ उसके बड़े अधिकारियों के सामने उसकी बेइज्जती कराने की कोशिश कर रही थीं!लेकिन मेयर साहब पहले ही बोल चुके थे, और वे वाकई इस बात से उत्साहित लग रहे थे कि कबीर उनके लिए खाना बनाएगा। अब कबीर के पास कोई विकल्प नहीं