(सुरंग के अंदर टपकते पानी की आवाज़, गूँजते हुए कदमों की आहट और एक भारी, ठंडी हवा का झोंका जो आर्यन के चेहरे को छूता है। आर्यन की सांसें भारी हैं, लेकिन उसके मन में अब एक अजीब सी शांति है।)वह सुरंग उस जेल की कोठरी से निकलकर सीधे उस जगह ले जा रही थी, जो कभी उसकी 'हवेली' का बेसमेंट हुआ करती थी। सुरंग की दीवारें कच्ची मिट्टी की थीं, जो हर कदम पर धंसने का एहसास दे रही थीं। आर्यन का दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा था, लेकिन वह डर के मारे नहीं, बल्कि इस उत्सुकता में कि