नशा - 1

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पात्र- डुग्गी वालानागारिकअजयरश्मिविभारहीमसुकुलत्रिवेणीनाथबनवारीएक बालक -------------------------------------अंक- 1 (चौराहे का एक दृश्य । एक तरफ डुग्गी पीटने वाला डुग्गी पीटता हुआ प्रवेश करता है।)डुग्गीवाला- कल से इस पूरे षहर में कोई नशा नहीं करेगा.....कल से इस पूरे षहर में कोई भी आदमी नशा नही करेगा।नागरिक-(प्रवेश कर)क्यों भाई.....किस बात के लिए डुग्गी पीट रहे हो?डुग्गीवाला- (अनसुना करता हुआ) कल से इस पूरे षहर में कोई भी आदमी नशा नहीं करेगा।नागरिक- (डुग्गीवाले को झकझोरता हुआ) अरे कुछ हमारी भी सुनोगे या.....डुग्गीवाला-(हँसते हुए) मेरे लिए सुनना मना है। मैं केवल सुनाता हूँ,  सुनने के लिए सारी जनता है। क्या तुम जनता नहीं हो?नागरिक-ठीक कहते हो। इस देश में