अकथ - भाग 5

  • 267
  • 93

अवनि की आँखें अचानक खुल गईं। वह इतनी हैरान थी कि उसका दिमाग सुन्न पड़ गया था। उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह इस बात से राहत महसूस करे कि उस मासूम बच्चे की मौत की वजह वह खुद नहीं थी, या उन दो लोगों पर गुस्सा करे जिन्होंने एक बेगुनाह की जान ले ली थी।उसके अंदर भावनाओं का एक तूफ़ान उठ रहा था।वह अपनी जगह से उठी और बोली, "थैंक यू डॉक्टर...डॉक्टर ने अचरज से उसकी तरफ देखा और पूछा, "अवनि, रुको! ऐसा क्या देख लिया तुमने? मैंने तो तुम्हें वह हादसा सिर्फ इसलिए याद दिलाया था ताकि तुम