हैरानी - Ateet ki Yaadein - 20

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Episode - 20 (बेबसी की हद)कुछ दिन बीत गए रिया एक जिंदा लाश बन चुकी थी , न आंखों में आसूं थे , न जुबा पर कोई शब्द । तभी घर के बाहर कार रुकने की आवाज आई उसके पिता (मिस्टर दीक्षित) आए थे । रिया की बुझती हुई आंखों में एक चमक आई , " पापा मुझे यहां से ले जाएंगे!" लेकिन वह नहीं जानती थी कि बाहर ड्राइंग रूम में खेल रचा जा चुका था । गौरव और उसकी मां ने बड़ी चालाकी से झूठे आसू बहा कर रिया के पिता के कान भर दिए थे । "पापा जी मैं