(समुद्र की लहरों की गर्जना और दूर कहीं सन्नाटे को चीरती हुई शहर की हलचल। आर्यन की तेज़ होती सांसें इस बात का प्रमाण हैं कि अब पीछे मुड़ने का कोई रास्ता नहीं है।)आदित्य, उस वकील का बेटा, आर्यन की नाव को तेज़ी से किनारे की ओर ले जा रहा था। आर्यन के हाथ में वह वसीयत थी—एक ऐसा दस्तावेज़ जो बीस साल पुराने झूठ के साम्राज्य को जमींदोज़ करने की ताकत रखता था। आर्यन की आँखों में अब वह खालीपन नहीं था, जो उसकी याददाश्त खोने के बाद आया था; अब वहाँ एक गहरा संकल्प था।सीन 1: किनारे पर