50 दिन का सन्नाटा - एपिसोड 30

  • 921
  • 288

(दूर से आती पुलिस की सायरन की आवाज़, जो अब नज़दीक आ रही है। तेज़ बारिश शुरू हो गई है, जो ज़मीन पर पड़े उस खंजर को और भी डरावना बना रही है। आर्यन की सांसें भारी हैं—वह अब एक ऐसे जाल में फँस चुका है जहाँ से निकलना नामुमकिन सा लग रहा है।)आर्यन ने घृणा के साथ उस खंजर को देखा। यह उसकी उंगलियों पर लगे खून से भी ज़्यादा गहरा था। वह जानता था कि जैसे ही पुलिस आएगी, यह सबूत उसके खिलाफ सबसे बड़ा हथियार बनेगा।सीन 1: कानून का शिकंजाआर्यन के कानों में पुलिस की भारी आवाज़ें