19 साल का विक्रम तालाब के किनारे खड़ा था। वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुका था। उसने अपनी आँखें मूंद लीं और जैसे ही कदम आगे बढ़ाया, पीछे से आवाज़ आई—"भौ... भौ!"यह उसका पालतू कुत्ता था। वह अपनी पूंछ हिलाते हुए विक्रम को देख रहा था, जैसे कह रहा हो—रुक जाओ।लेकिन विक्रम इतना थक चुका था कि उसने उसे पूरी तरह नज़रअंदाज़ कर दिया। एक गहरी सांस लेकर, विक्रम ने तालाब के ठंडे पानी में छलांग लगा दी।कुत्ता तालाब के किनारे दौड़ने लगा। पानी में हलचल हो रही थी और विक्रम धीरे-धीरे नीचे जा रहा था। उस बेज़ुबान जानवर को