अभी तक आपने पढ़ा कि डॉक्टर की सलाह पर किशन और रमन ने शहर में ही रितु के लिए किराए का कमरा लेने का निर्णय किया। पिता के शब्द सुनकर रितु टूट गई और आत्महत्या की कोशिश करने लगी, लेकिन किशन ने उसे संभाल लिया और हिम्मत दी। बाहर पंकज ने भी परिवार को सहारा दिया, जबकि रितु अब भी उससे नज़रें मिलाने से बच रही थी, और उसका दर्द बारिश की बूंदों की तरह ज़मीन पर छलक रहा था। अब इसके आगे पढ़ें- एक हफ़्ते तक रितु और उसका परिवार पंकज के कमरे में ही रहा। पंकज वहाँ आता-जाता