किस्त 2: आधा नकाब, अधूरी चायशिकागो की सुबह जितनी खूबसूरत दिखती है, जैक के लिए उतनी ही थकाने वाली होती है। सूरज की पहली किरण जब उसकी कांच की खिड़की से टकराकर सीधे उसके चेहरे पर पड़ी, तो जैक की नींद टूट गई। रात भर वह शहर के 'क्वींस ब्रिज' के पास एक एक्सीडेंट में फंसे लोगों की मदद कर रहा था। उसके कंधे पर एक बड़ा सा नीला निशान पड़ गया था, जो रह-रह कर टीस मार रहा था।उसने अपने बिस्तर के पास रखे छोटे से मेज़ पर हाथ मारा। वहां उसकी पुरानी घड़ी पड़ी थी, जिसका कांच धुंधला