(साउंड: घड़ी की टिक-टिक की आवाज़, जो धीरे-धीरे दिल की धड़कन में बदल जाती है। बाहर बारिश की धीमी फुहारें)नरेटर: रात के चार बज रहे थे। बियर अपनी खिड़की के पास बैठा, बाहर उस साये को घूर रहा था जो घंटों से वहीं खड़ा था—निकी। वो बिल्कुल नहीं हिली थी। बियर की आँखों में थकान थी, पर डर ने उसे सोने नहीं दिया था। अचानक, निकी ने खिड़की की तरफ अपना हाथ बढ़ाया और कांच पर एक उंगली से कुछ लिखा। बियर ने गौर से देखा—उसने कांच पर अपना नाम नहीं, बल्कि बियर का नाम लिखा था, और उसके नीचे