अनकहा जुनूँ - 7

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(घड़ी की सुई की टिक-टिक, धीरे-धीरे मद्धम होती हुई। कमरा पूरी तरह शांत, लेकिन एक अजीब सी भारीपन महसूस हो रहा है)नरेटर: खिलौना टूट चुका था, लेकिन घर के हर कोने में अभी भी निकी की मौजूदगी का एहसास बाकी था। बियर ने फर्श पर बिखरे खिलौने के टुकड़ों को अपनी आँखों से घूरा। वो टुकड़े मरे हुए नहीं लग रहे थे, बल्कि उनमें अभी भी एक अजीब सी धड़कन थी। बियर उठकर खड़ा हुआ। उसका शरीर कांप रहा था। उसने खिड़की की ओर देखा, बाहर अब उजाला होने वाला था, लेकिन वो अंधेरा जो उसके अंदर घर कर गया