ये पहली बार था जब एकांश का हाथ वर्शाली के किसी अंग को छु रहा था। दोनो ही एक दुसरे मे खोया हुआ था । तभी एकांश अपने आपको संभालते हूए धिरे से वर्शाली के हुक को लगा देता है। वर्शाली अब भी उसी तरह से खड़ी थी मानो उसे कुछ पता ही ना चला हो के एकांश ने कब उसका हुक बंद कर दिया है। पर एकांश यो जानता थे के ये एक पब्लिक प्लेस है और यहां पर वर्शाली के साथ ये सब करना सही नही था क्योकी वर्शाली एक लड़की है। इसी बात का ध्यान रखते हूए एकांश वर्शाली