श्री: संघर्ष एवं प्रेम - पाठ 13

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हरि ने पीछे से आवाज देते हुआ कहा अरे मेरी  प्रियतमा सुनो तो...श्री पीछे मूढ के -क्या कहे रहे हैं आप कहा न हमे मत बोलिए  ये शब्द आप मार खाएंगे हमसे।हरि हंसते हुए अच्छा बटुकी सी तो हो तुम मुझे मारोगी आओ मारो मेरी प्रियतमा..श्री– क्या कहा हम बुटकी इतनी हिम्मत आपकी अब देखिए आप सच में पिटोगे हमसे । श्री  हरि के पीछे भागी हरि आगे आगे श्री उसके पीछे पीछे थप्पड़ दिखाते हुए और बोलते हुए की रुकिए आप अभी बताते है हम बुटकी है हा। हरि आगे भागते हुए हा हो बुटकी हो मेरी प्रियतमा बुटकीऔर मारोगी