श्री: संघर्ष एवं प्रेम - पाठ 17

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सभी लोग गुरुदेव के आश्रम में पहुंच चुके थे श्री और हरि के परिवार वाले गुरुदेव के आगे नतमस्तक हो गए । सभी ने गुरुदेव को दंडवत प्रणाम किया वही पे आज गुरुदेव के एक शिष्य जिनका नाम था (सार्थक) दिखने में इतने खूब की क्या ही तारीफ करे उनकी हाइट लगभग हरि जितनी ही थी ... लेकिन हरि और सार्थक दोनों ही दिखने में उत्तम थे दोनों को एक साथ खड़ा किया जाए तो ये नहीं कहा जा सकता कि ये ज्यादा दिखने में उत्तम है या ये दोनों ही खूब सुंदर थे हरि भी और सार्थक भी आज