टाम ज़िंदा हैं - 19

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ये ज़िन्दगी कितनी मेहरबान होती है कभी कभी... तुम जिसको खोज रहे हो मिल सकता है।"--------एसएसपी आज चुप थे। कुछ बोल न पाए। भवानी सिंह अलग से चुप था। " "------ बड़े घबराहट मे हो... आज जान गए साहब, नाग तो नाग ही होते है.... कभी सुधर नहीं सकते।" भवानी ने कहा। एम्बुलेंस समय पर न पहुँचती तो शायद आज बहुत कुछ खो देते, सर। " भवानी आज से देख रेख मै खुद लिख कर तुम्हे सभी कुछ सौंपता हु। " एसएसपी ने छोटे लहजे मे बड़ा कहा। "त्रिपाठी हमारे बीच नहीं रहे " भवानी ने जोर देकर कहा। "कया कसूर