बंद लिफाफा - 5

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अब समय आ गया है राज से पड़दा उठने कालोहे का दरवाज़ा बंद हो चुका था।पूरा तहख़ाना सन्नाटे में डूबा हुआ था।अनिकेत की नज़र सामने खड़े आदमी पर टिकी थी।वही चेहरा...वही मुस्कान...आदित्य राय।जिसे दुनिया तीस साल पहले मर चुका मान चुकी थी।आदित्य ने सफ़ेद लिफाफा अनिकेत की ओर बढ़ाया।"इसे खोलो..."इस बार लिफाफे पर कोई चेतावनी नहीं थी।सिर्फ़ एक शब्द लिखा था—"सच।"अनिकेत ने काँपते हाथों से लिफाफा खोला।अंदर एक डीएनए रिपोर्ट थी।ऊपर दो नाम लिखे थे—आदित्य रायअनिकेत मल्होत्रा (आर्यन)रिपोर्ट के नीचे लिखा था—"पिता-पुत्र संबंध – 99.99% सत्यापित।"अनिकेत कुछ पल तक कुछ बोल ही नहीं पाया।"तो... आप सच में मेरे पिता हैं?"आदित्य