त्रिपिंड चित्त-दर्शन

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त्रिपिंड चित्त-दर्शन(The Tri-Pinda Consciousness Model)प्रस्तावना: मानव और ब्रह्मांड का त्रि-खेलमानव को मैं तीन मुख्य भागों में देखता हूँ: मन, ऊर्जा (प्राण) और शरीर। इन्हें मैं ब्रह्मांड के तीन पिंडों — सूर्य, चंद्र और धरती — के रूप में एक रूपक में रखता हूँ: सूर्य ऊर्जा और चेतना का स्रोत है, चंद्र मन और अनुभवों का प्रतिबिम्ब है, और धरती शरीर तथा परिस्थितियों का आधार है।इसी के भीतर गुणों का खेल चलता है: सत्व, रज और तम इन तीनों पिंडों और मानव के तीनों पक्षों में अपना-अपना अनुपात बनाते हैं। मनुष्य का संतुलन तब होता है जब मन–प्राण–शरीर, और सूर्य–चंद्र–धरती के