किघकन्या - 2

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जैसे - जैसे रोहिणी के रूप - लावण्य का जादू टूटने लगा वैसे - वैसे हसीन रूमानी रातों का सिलसिला छूटने लगा और वीर सिंह का आततायी रूआब उसकी जगह लेने लगा। लेकिन रोहिणी बड़ी ही समझदार और संतोषी लड़की थी ... वो अपने जीवन में इतना कुछ देख - सुन - सह चुकी थी कि अब जैसा भी उसका जीवन था उसे ही अपना भाग्य मान प्रसन्न रहा करती थी। वीर सिंह का मोह उससे भले ही टूट गया हो पर वह अपना पत्नी धर्म पूरे लगन से निभाती थी। पहली किरण के उगते ही वो जाग जाती, सबसे