सुनसान हाईवे – रातरात काफी हो चुकी थी। संपूर्णा अपनी कार से घर लौट रही थी।हाईवे लगभग खाली था। तभी अचानक ठक! कार हल्की सी झटके के साथ रुक गई।संपूर्णा बोली - Oh God…वो नीचे उतरकर देखने लगी। टायर पूरी तरह पंचर था। संपूर्णा परेशान होकर माथा पकड़ लेती है।संपूर्णा बोली - इसे भी अभी धोखा देना था…ठंडी हवा उसके बालों को उड़ा रही थी। चारों तरफ अंधेरा था।तभी पीछे से भारी आवाज़ आई—धोखा… तो अब मिलेगा CEO Madam।संपूर्णा तुरंत पलटी। कुछ गुंडे उसकी तरफ बढ़ रहे थे। उनकी आँखों में खतरनाक इरादे साफ दिख रहे थे। एक आदमी हंसते हुए आगे