मेरा-गाँव वर्षो बाद बुआ घर आई तो घर का सारा वातावरण ही बदलगया है। बुआ बड़े हसॅमुख स्वभाव की मिलनसार महिला है, बुआ घरके हर सदस्य के प्रति अपनापन रखती हैं और परिवार के सभीसदस्य भी बुआ का बहुत ही सम्मान करते हैं। जबसे बुआ घर में आईहै तब से पुरानी बातें व किस्से सुना रहीं हैं।बुआ के भतीजे अमर व विजय भी अब गॉव छोड़कर शहर मेंरहने लगें हैं। बुआ को अपना गॉव, गॉँव की गलियाँ, जहाँ वे बचपनमें खेली थी, पढ़ी थी, याद आते रहते। बुआ की बड़ी इच्छा थी किवे अपने बचपन के गाँव को देखकर आये ।