धुंध के पीछे - 2

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भाग 2: शक का सायाड्रॉइंग रूम का भारी दरवाज़ा बंद होने की आवाज़ आई। इंस्पेक्टर आदिल पुलिस की गाड़ियों के साथ जा चुका था। घर में अब सिर्फ मुस्कान और दानिश थे।मुस्कान सोफे पर पत्थर की मूरत बनी बैठी थी। उसके कान दानिश के कदमों की आहट को नाप रहे थे। 'टुक... चप... टुक... चप...' दानिश का वही हल्का सा लंगड़ापन अब मुस्कान के कानों में हथौड़े की तरह बज रहा था। दानिश उसके करीब आकर बैठ गया। मुस्कान का पूरा बदन अकड़ गया।दानिश ने मुस्कान का ठंडा हाथ अपने हाथों में लिया और बहुत प्यार से बोला, मुस्कान, तुम