SCENE 4. "रास्ते से हटो, रास्ते से हटकर खड़े हो जाओ।" तांगे के आगे की तरफ़ बैठा हुआ एक आदमी ज़ोर ज़ोर से लोगों को अगाही देते हुए आगे बढ़ने लगा। तांगा बिल्कुल राजसी ठाठ-बाट का था सा जिसकी छत चमकदार थी, और पहिये आम तांगे से ख़ासा बड़े। इसके पर्दे नर्म रेशम और ख़ूबसूरत मखमल से बने थे। तांगे को रास्ता देकर सभी लोग सड़क से हटकर किनारे खड़े हो गए और तांगा दरगाह की दीवार से ध्यान से लगकर रुक गया। उसके पीछे 2, 4 सवारी और रुकी जिसे देख कर लोग समझ गए की किसी शाही घर