"मुंशीजी अम्मा साहब की कोई ख़बर? काफ़ी देर हो गई है अम्मा साहब का इंतजार करते करते।" वक़्त को देखते हुए मीरास महल की इकलौती शहजादी ने मासूमियत से अपनी तसल्ली के लिए मुंशीजी के सामने सवाल रख दिया"अभी तक कोई ख़बर नहीं है शहज़ादी, और महाले ख़ास मुझे बताकर भी नही गई है।" उन्होंने मज़ाकानह तंज़ किया"इसकी ख़बर वज़ीर साहब को होगी।" मुंशीजी ने जल्दी से उससे अपना पीछा छुड़ाना चाहा। "मैने कहा था ना छोटे भाई की ज़रूर कुछ चल रहा है महल में हमारे पीछे, कहा था न ये कुछ नही बताएंगे हमलोगों को, देख लिया आपने।" अपने